राजस्थान में पंचायत समिति प्रधानों के आरक्षण का इंतजार आज खत्म हो रहा है। प्रदेश की 457 पंचायत समितियों के प्रधान पदों के लिए आज लॉटरी निकाली जा रही है। इसी के साथ जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के आरक्षण की तस्वीर भी साफ होगी। जयपुर की 22 पंचायत समितियों में सिर्फ 4 सीटें अनारक्षित रखी गई हैं। वहीं अलग-अलग आरक्षित वर्गों में कुल 11 महिला प्रधान बन सकेंगी। उदयपुर की 20 पंचायत समितियों में केवल एक सीट अनारक्षित है। जबकि अनुसूचित जनजाति की अनारक्षित श्रेणी में सबसे ज्यादा 8 सीटें आरक्षित हुई हैं।
प्रधान पदों के साथ आज 1403 जिला परिषद सदस्य और 8245 पंचायत समिति सदस्यों के पदों का आरक्षण भी लॉटरी के जरिए तय किया जाएगा। हर श्रेणी में 50 फीसदी आरक्षण महिलाओं के लिए रहेगा। आरक्षण के मौजूदा प्रावधान के अनुसार पंचायत समिति प्रधानों के 79 पद SC, 93 पद ST और 56 पद OBC के लिए आरक्षित होंगे। वहीं कुल आरक्षण 50 फीसदी से ज्यादा नहीं होने के प्रावधान के चलते OBC के पदों में कुछ बदलाव संभव है। लॉटरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 228 से 229 प्रधान पद ओपन कैटेगरी में रह सकते हैं।
जयपुर की 22 पंचायत समितियों में प्रधान पदों का आरक्षण तय
जयपुर में पंचायत समिति प्रधान पदों के लिए आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया पूरी हो गई है। जिले की 22 पंचायत समितियों में प्रधान पदों का आरक्षण तय कर दिया गया है। लॉटरी के मुताबिक रामपुरा डाबड़ी और कोटखावदा के प्रधान पद SC महिला के लिए, जबकि तुंगा और आंधी SC वर्ग के लिए आरक्षित हुए हैं।
वहीं चौमूं और किशनगढ़-रेनवाल ST वर्ग तथा अमरसर ST महिला के लिए आरक्षित हुई है। OBC वर्ग में माधोराजपुरा और सांगानेर सामान्य OBC, जबकि जोबनेर और मौजमाबाद OBC महिला के लिए आरक्षित हैं। सामान्य वर्ग में शाहपुरा, बस्सी, जमवारामगढ़ और फागी की सीटें सामान्य रहेंगी। वहीं गोविंदगढ़, जालसू, चाकसू, दूदू, आमेर और झोटवाड़ा सामान्य महिला के लिए आरक्षित की गई हैं।
इस तरह जयपुर की 22 प्रधान सीटों में 4 SC, 3 ST, 4 OBC और 11 सामान्य श्रेणी में हैं। महिला आरक्षण के तहत सभी श्रेणियों में 50 फीसदी आरक्षण लागू रहेगा।



