जयपुर। राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तेजी से सक्रिय होने की ओर बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, अगले 48 घंटों के भीतर प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में मानसून के प्रवेश की संभावना है। 2 जुलाई से पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी, जबकि 2 से 5 जुलाई के बीच मानसून का प्रभाव प्रदेश के अधिक हिस्सों तक फैल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान कोटा और उदयपुर संभाग के कई क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है।
इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। इनमें अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, झालावाड़, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूंबर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक और उदयपुर शामिल हैं। वहीं पश्चिमी राजस्थान के चूरू और डीडवाना-कुचामन में भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मेघगर्जन की संभावना जताई गई है।
कोटा और उदयपुर संभाग में भारी बारिश के आसार
2 से 5 जुलाई के बीच कोटा और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में अच्छी और कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश का दायरा लगातार बढ़ेगा।
पश्चिमी राजस्थान में उमस और गर्मी बरकरार
हालांकि पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई क्षेत्रों में अगले तीन से चार दिनों तक उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। यहां अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। अधिक नमी के कारण लोगों को गर्मी के साथ उमस का भी सामना करना पड़ेगा।
देशभर में तेजी से आगे बढ़ रहा है मानसून
आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है। अगले दो से तीन दिनों में इसके राजस्थान सहित गुजरात, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के शेष क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने की संभावना है।
इसके अलावा 2 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे राजस्थान समेत कई राज्यों में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आ सकती है।



