जयपुर। सिविल लाइन्स जोन में सामने आए कथित रिश्वतखोरी प्रकरण के बाद नगर निगम प्रशासन ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। निगम ने उपायुक्त सुनील बैरवा को एपीओ कर मुख्यालय भेज दिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है, जब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) इस मामले में उनकी भूमिका की जांच कर रहा है। नगर निगम की ओर से जारी आदेश के अनुसार, करणी सिंह को सिविल लाइन्स जोन का नया उपायुक्त नियुक्त किया गया है। साथ ही प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन के लिए अन्य अधिकारियों को भी अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

जेईएन संजय बैरवा रिश्वत लेते हुए ट्रैप
सोमवार को एसीबी ने सिविल लाइन्स जोन के जेईएन संजय बैरवा को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि एक मकान को सील करने की धमकी देकर दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। बाद में यह सौदा एक लाख रुपये में तय हुआ, जिसमें 20 हजार रुपये पहले ही लिए जा चुके थे। प्रारंभिक पूछताछ में जेईएन ने कथित रूप से यह भी स्वीकार किया कि रिश्वत की राशि तत्कालीन उपायुक्त सुनील बैरवा के लिए ली जा रही थी। इसी आधार पर एसीबी अब उपायुक्त की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जोन की कार्य व्यवस्था पर भी उठे सवाल
रिश्वत प्रकरण के बाद सिविल लाइन्स जोन की प्रशासनिक व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है। जोन में दो जेईएन तैनात होने के बावजूद अजय मीना को राजस्व अधिकारी (आरओ) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि प्रशांत लखन राजस्व निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। इसके बावजूद उन्हें आरओ का प्रभार नहीं सौंपा गया। इस व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
ई-मेल से मांगी छुट्टी, मोबाइल बंद
एसीबी की कार्रवाई के बाद सुनील बैरवा फरार बताए जा रहे हैं। उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ है। इस बीच उन्होंने ई-मेल के जरिए एक दिन का अवकाश और मुख्यालय छोड़ने की अनुमति मांगी है।
अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारियां
नगर निगम के आदेश के अनुसार –
- करणी सिंह को सिविल लाइन्स जोन का नया उपायुक्त बनाया गया है।
- मनमोहन शर्मा (आरएएस) को सांगानेर जोन के साथ-साथ मानसरोवर जोन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
- कविता चौधरी को आयुर्वेद-प्रथम एवं हेरिटेज जनस्वास्थ्य के साथ सामान्य प्रशासन, समन्वय एवं इवेंट आयोजन शाखा की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
एसीबी अब पूरे मामले में रिश्वत लेन-देन, प्रशासनिक भूमिका और अन्य संभावित जिम्मेदार अधिकारियों की जांच कर रही है।



