जयपुर। राजस्थान में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। 31 अगस्त को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है और भारी बारिश को लेकर कोई बड़ा अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि, सितंबर की शुरुआत के साथ मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में अगले 4 से 5 दिन कमजोर मानसूनी परिस्थितियां बनी रहने की संभावना है। इसके बाद पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।
31 अगस्त को बारिश का बड़ा अलर्ट नहीं
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 31 अगस्त को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में व्यापक बारिश की संभावना नहीं है। अधिकांश जिलों में मौसम शांत और शुष्क रह सकता है। हालांकि उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं। कमजोर मानसून के बीच जयपुर समेत कई जिलों में बारिश के बजाय उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में दिन का तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। रविवार को श्रीगंगानगर में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
3 सितंबर से फिर सक्रिय हो सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार 3 सितंबर से पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। 4 से 7 सितंबर के दौरान भरतपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दैनिक पूर्वानुमान के मुताबिक 1 सितंबर को उदयपुर संभाग में, जबकि 2 सितंबर को भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। इसके बाद बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
इन जिलों में येलो अलर्ट
आईएमडी ने 1 सितंबर को भरतपुर, डीग और धौलपुर में मेघगर्जन और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 2 सितंबर को अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में कहीं-कहीं मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। 3 सितंबर को भी कई जिलों में मौसम खराब होने की संभावना जताई गई है।
पश्चिमी राजस्थान में कब होगी बारिश?
पश्चिमी राजस्थान में फिलहाल मानसून कमजोर रहने की संभावना है। हालांकि 5 से 8 सितंबर के बीच बीकानेर संभाग में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 3 और 4 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के साथ बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय
मौसम तंत्रों की बात करें तो मानसून ट्रफ समुद्र तल पर अमृतसर, मुजफ्फरनगर, हरदोई, गोरखपुर, पटना और बांका से होते हुए उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र तक बनी हुई है। इसके बाद यह दक्षिण-पूर्व दिशा में मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली है। वहीं उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू संभाग के ऊपर करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है।
राजस्थान के बांधों में कितना पानी?
राजस्थान के बांधों में फिलहाल कुल भराव क्षमता का 57.70 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। पिछले 24 घंटे में बांधों में 22.44 एमक्यूएम पानी की आवक दर्ज की गई। 15 जून से अब तक कुल भराव क्षमता के मुकाबले 13.24 प्रतिशत पानी की आवक हुई है। पिछले साल इसी अवधि में बांधों में कुल भराव क्षमता का 82.94 प्रतिशत पानी था। जयपुर जोन के बांधों में वर्तमान में 57.91 प्रतिशत पानी उपलब्ध है।
सितंबर के पहले सप्ताह में बदल सकता है मौसम
कुल मिलाकर 31 अगस्त को राजस्थान में तेज बारिश से राहत रहने की संभावना है। लेकिन 3 सितंबर से मानसून की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। खासतौर पर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राजस्थान में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। इससे आने वाले दिनों में तापमान और उमस में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।



