जोधपुर। ब्लू सिटी जोधपुर के बासनी औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार को एक हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने फैक्ट्री के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार काफी दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। आग की विकरालता को देखते हुए करीब 8 से 10 दमकल वाहनों को आग बुझाने के काम में लगाया गया। दमकलकर्मियों ने कई घंटों तक लगातार मशक्कत की, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका।
लाखों रुपये का सामान जलकर खाक
फैक्ट्री में हैंडीक्राफ्ट का सामान और अन्य सामग्री रखी हुई थी। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते बड़ी मात्रा में सामान जलकर खाक हो गया। आग से फैक्ट्री के भवन और अन्य संसाधनों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस भीषण हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। दमकलकर्मियों की तत्परता से आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।
कई घंटे तक चलता रहा आग बुझाने का काम
घटना की सूचना मिलने के बाद दमकल की गाड़ियां लगातार मौके पर पहुंचती रहीं। आग की तीव्रता को देखते हुए आसपास के इलाके में भी सतर्कता बढ़ा दी गई। दमकलकर्मियों ने अलग-अलग दिशाओं से पानी की बौछार कर आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया। कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। इस दौरान बासनी औद्योगिक क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आग से उठता धुआं काफी दूर तक दिखाई दे रहा था और घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोगों की भीड़ भी मौके पर जमा हो गई। हालांकि, लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया।
आसपास की फैक्ट्रियों तक फैलने से रोकी आग
आग की लपटें तेज होने के कारण आसपास मौजूद अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी खतरा पैदा हो गया था। दमकल टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग को नियंत्रित किया और इसे आसपास की अन्य फैक्ट्रियों तक फैलने से रोक लिया। आग के कारण क्षेत्र में कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की जानकारी भी सामने आई है।
आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं
फिलहाल फैक्ट्री में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। दमकल विभाग और संबंधित अधिकारी घटना की जानकारी जुटा रहे हैं। आग किस वजह से लगी और इससे कुल कितना आर्थिक नुकसान हुआ, इसका वास्तविक आकलन जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।



