जयपुर। फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया (फोगसी) की ओर से आयोजित तीन दिवसीय फोगसी फर्टिलिटी रेगुलेशन कॉन्क्लेव-2026 के तीसरे दिन राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में विभिन्न एक्सपर्ट्स ने अपने विचार रखे।
इस दौरान फोगसी की उपाध्यक्ष एवं कॉन्क्लेव की आयोजन अध्यक्ष डॉ.अंजू सोनी ने कहा कि फर्टिलिटी रेगुलेशन को अक्सर केवल जनसंख्या नियंत्रण के नजरिए से देखा जाता है, जबकि इसका वास्तविक उद्देश्य महिलाओं को अपनी प्रजनन क्षमता और जीवन से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार देना है।
उन्होंने कहा कि हर महिला को यह अधिकार होना चाहिए कि वह कब मां बनना चाहती है, कितने बच्चों की योजना बनाना चाहती है और अपने स्वास्थ्य, परिवार एवं परिस्थितियों के अनुसार निर्णय ले सके। फर्टिलिटी रेगुलेशन का उद्देश्य अनचाही गर्भावस्था को रोकने, सुरक्षित विकल्पों की जानकारी उपलब्ध कराने, अनावश्यक गर्भसमापन की आवश्यकता कम करने और परिवार नियोजन को महिला-केंद्रित बनाने पर जोर देना है।
बता दें कि इस राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में देशभर के स्त्री रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा विशेषज्ञ, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल प्रोफेशनल्स प्रजनन स्वास्थ्य, फर्टिलिटी रेगुलेशन और महिलाओं के प्रजनन अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया। डॉ.सोनी ने कहा कि जागरूकता, सही परामर्श और आधुनिक चिकित्सा विकल्पों की उपलब्धता से महिलाएं अपने लिए बेहतर और सूचित फैसले ले सकती हैं।
उन्होंने कहा कि फर्टिलिटी पर नियंत्रण का दृष्टिकोण नहीं, बल्कि फर्टिलिटी से जुड़े निर्णयों में महिला का अधिकार और उसकी पसंद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव इसी सोच के साथ आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं को अपनी प्रजनन यात्रा से जुड़े निर्णयों में जागरूक और सक्षम बनाने पर जोर दिया गया।



