जयपुर। राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अब तेजी से रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के करीब आधे हिस्से में मानसून सक्रिय हो चुका है और मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन और नाउकास्ट चेतावनी के अनुसार अगले कुछ घंटों और आगामी 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में तेज बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और धूलभरी आंधी की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी भरी हवाओं के प्रभाव तथा राजस्थान के ऊपर बने मजबूत साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण बारिश की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो दिनों में मानसून पूरे राजस्थान में फैल सकता है।
इन 22 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने जोधपुर, पाली, सिरोही, बालोतरा, जयपुर, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, नागौर, सीकर, डीडवाना-कुचामन, टोंक, सवाई माधोपुर, कोटा, धौलपुर, दौसा, राजसमंद, सलूंबर, उदयपुर, जालौर, ब्यावर, चूरू, करौली, प्रतापगढ़ और अजमेर सहित कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कई स्थानों पर वज्रपात की भी आशंका जताई गई है।
जयपुर, जोधपुर और भीलवाड़ा में भारी बारिश की संभावना
IMD की नाउकास्ट चेतावनी के अनुसार जयपुर, जोधपुर, पाली, सिरोही, बालोतरा, भीलवाड़ा, बारां, झालावाड़ और चित्तौड़गढ़ में मौसम अधिक सक्रिय रहेगा। इन जिलों में कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और शहरी क्षेत्रों में जलभराव जैसी स्थितियां बन सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
कई इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। इससे खेतों में खड़ी फसलों, सब्जियों और बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। किसानों को मौसम अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
मध्य और उत्तरी राजस्थान में धूलभरी आंधी
नागौर, सीकर, अजमेर, टोंक, दौसा, कोटा, सवाई माधोपुर, धौलपुर, राजसमंद, उदयपुर और आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। धूलभरी आंधी के कारण कई स्थानों पर दृश्यता कम होने की संभावना है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।
पश्चिमी राजस्थान में भी मानसून की दस्तक
जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और फलोदी जैसे पश्चिमी जिलों में भी मानसून की गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। हालांकि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में फिलहाल कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन बादलों की आवाजाही बनी हुई है। पश्चिमी राजस्थान में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है।
मौसम विभाग की सलाह
किसान मौसम अपडेट के अनुसार कृषि कार्य करें।
बारिश और आंधी के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें।
बिजली कड़कने के समय खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
अनावश्यक यात्रा से बचें।
वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
बिजली के उपकरणों को सुरक्षित रखें।



