Gajendra Khimsar On Jodhpur Paota Hospital: जोधपुर के पावटा स्थित जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के मामले को लेकर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कोटा, बीकानेर और जोधपुर में सामने आए मामलों की प्रकृति अलग-अलग है और इन्हें एक-दूसरे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. चिकित्सा मंत्री ने दावा किया कि प्रभावित महिलाओं में से 6 की हालत पूरी तरह सामान्य है, जबकि एक महिला को बेहतर इलाज के लिए जोधपुर के एम्स रेफर किया गया है. उन्होंने कहा कि अब तक की जांच में ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि सभी मामलों के पीछे एक ही कारण जिम्मेदार हो.
‘युवा पीढ़ी दर्द नहीं सहना चाहती, इसीलिए बढ़ रहे सिजेरियन’
खींवसर ने सिजेरियन डिलीवरी के बढ़ते मामलों पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवा महिलाओं के बीच प्रसव पीड़ा से बचने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिसके चलते सिजेरियन डिलीवरी के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है.
उन्होंने कहा कि कई बार मरीज गंभीर अवस्था में छोटे अस्पतालों से रेफर होकर बड़े चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचते हैं. इलाज के दौरान मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भेजा जाता है और कई मामलों में वे अंततः मेडिकल कॉलेजों या बड़े अस्पतालों तक पहुंचते हैं. इसलिए प्रत्येक मामले की परिस्थितियां अलग होती हैं और उनका मूल्यांकन भी अलग-अलग आधार पर किया जाना चाहिए.
‘निजी स्तर पर होने वाली दवा खरीद की कम’
कोटा में सामने आए मामले का उल्लेख करते हुए खींवसर ने कहा कि जांच में ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन में गड़बड़ी मिलने के बाद सरकार ने निजी स्तर पर होने वाली दवा खरीद को 25 प्रतिशत तक कम करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है.
‘वर्तमान में कोई भी महिला गंभीर स्थिति में नहीं है’
जोधपुर मामले पर चिकित्सा मंत्री ने कहा कि वर्तमान में कोई भी महिला गंभीर स्थिति में नहीं है. अब तक की जांच में संक्रमण को प्रमुख कारण के रूप में नहीं पाया गया है. हालांकि कुछ मामलों में किडनी फेलियर जैसी शिकायतें सामने आई हैं, जिनकी अलग-अलग स्तर पर जांच की जा रही है.
गौरतलब है कि कोटा, बीकानेर और जोधपुर में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने की घटनाओं के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है. सरकार ने सभी मामलों की जांच के लिए समितियां गठित कर दी हैं और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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