Hanuman Beniwal: नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल रविवार देर रात चूरू जिले के तालछापर कस्बे में पार्टी कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे, सभा के दौरान मंच के सामने बैठे कुछ युवाओं के लगातार शोर-शराबे से नाराज बेनीवाल ने अपना भाषण बीच में ही रोक दिया, माइक मंच पर फेंका और कार्यक्रम छोड़कर रवाना हो गए. इस घटना से कार्यक्रम में मौजूद लोग भी हैरान रह गए.
सभा को संबोधित करते हुए बेनीवाल अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साध रहे थे. इसी दौरान कुछ युवाओं के लगातार शोर मचाने पर उन्होंने कई बार उन्हें शांत रहने की हिदायत दी. नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा, ‘तुमने नेता देखा है कि नहीं? तुम लोग बावले क्यों हो रहे हो? स्कूल वाले बच्चे कब आगे बढ़ेंगे, यह जानते ही नहीं हो.’
हनुमान बेनीवाल ऐसे क्यों भड़कते हैं?
— Arvind Chotia (@arvindchotia) August 3, 2026
चूरू के ताल छापर में कल रात यह सभा थी।
ऐसी क्या कमी आयोजकों ने रख दी कि बेनीवाल को इतना गुस्सा आया?
अरे भाई, कहीं कोई कमी रह भी गई तो अनदेखा तो किया ही जा सकता है। ऐसे मंच पर बिफरना, आए हुओं को लताड़ना और फिर गुस्सा होकर कार्यक्रम छोड़कर निकल… pic.twitter.com/Fzs1xFZGCw
जब शोर नहीं रुका तो बेनीवाल का गुस्सा और बढ़ गया. उन्होंने कहा, ‘मैं दुबारा यहां नहीं आऊंगा. अभी बिना भाषण दिए चला जाऊंगा. कौन सा तुम सुबह वोट डाल दोगे? किसी का समय खराब करते हो.’ उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कहीं विरोधियों ने जानबूझकर ऐसे लोगों को कार्यक्रम में तो नहीं भेजा.
चूरू की राजनीति पर भी जताई नाराजगी
बेनीवाल ने अपने संबोधन में चूरू जिले की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोगों के लिए संघर्ष करने की वजह से उनकी पूरे राजस्थान में कई लोगों से दुश्मनी हुई. उन्होंने कहा, ‘जब तुम्हारे साथ अन्याय हुआ तो हनुमान बेनीवाल तुम्हारे साथ खड़ा रहा, लेकिन बाद में कई नेता बीजेपी और कांग्रेस में चले गए. मैं रात-रात भर तुम्हारे लिए लड़ता रहा. मुझे क्या पता था कि तुम इतने कमजोर हो.
ना आपसे राजस्थान की व्यवस्था कभी उखड़ेगी
— 𝐑𝐚𝐠𝐡𝐮 𝐁𝐢𝐬𝐡𝐧𝐨𝐢 (@raghu_bish9e) August 3, 2026
ना राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का कब्जा कभी सता पर होगा
जिस तरह से हनुमान बेनीवाल लोगों को लताड़ रहे हैं वो कभी आपको जनमत नहीं देंगे ये बात ध्यान रखना
क्या स्कूली बच्चे तेजा गायन में नहीं आ सकते…?
इस तरह नन्हे बच्चों का अपमान कतई… pic.twitter.com/bwN4sbYIbW
आयोजकों पर भी उठाए सवाल
शोर-शराबे से नाराज बेनीवाल ने कार्यक्रम के आयोजकों को भी जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को सभा में बैठाना बड़ी गलती थी. उन्होंने कहा, ‘यह आयोजकों की बहुत बड़ी गलती है. ऐसी जगह मेरे जैसे आदमी को नहीं बुलाना चाहिए. आपका स्तर अभी इतना बड़ा नहीं है.’ उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम में स्कूल के बच्चों को बैठाने का कोई औचित्य नहीं था. उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा, “स्कूल के बच्चों को क्यों पकड़कर लाए हो? ऐसे बच्चे जीवनभर भटकेंगे.’
अब भाषण नहीं दूंगा: बेनीवाल
लगातार व्यवधान से नाराज हनुमान बेनीवाल ने अंत में कहा, ‘अब भाषण नहीं दूंगा.’ इसके बाद उन्होंने मंच पर माइक फेंका और कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए. उनके जाने के बाद सभा में मौजूद लोग भी हैरान रह गए. घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.



