नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने जम्मू-कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी को लेकर एक और अहम उपलब्धि हासिल की है। वंदे भारत एक्सप्रेस ने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज चिनाब ब्रिज और भारत के पहले केबल-स्टे रेलवे ब्रिज अंजी ब्रिज को 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफलतापूर्वक पार किया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ट्रायल का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर शेयर करते हुए इसे ऐतिहासिक दिन बताया।
इस सफल स्पीड ट्रायल के बाद श्री माता वैष्णो देवी कटरा-बनिहाल के 111 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर ट्रेनों की अधिकतम गति 75 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 100 किमी प्रति घंटे कर दी गई है। रेलवे के मुताबिक, इससे USBRL प्रोजेक्ट पर ट्रेनों का संचालन बेहतर होगा और यात्रियों के यात्रा समय में कमी आएगी।
रेल मंत्री ने बताया ऐतिहासिक पल
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस ने 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चिनाब और अंजी ब्रिज को पार कर नया रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई स्पीड से जम्मू-कश्मीर में रेल यात्रा अधिक तेज और सुगम होगी।
जम्मू-श्रीनगर के बीच शुरू हुई वंदे भारत
कश्मीर रेल लिंक का काम जून 2025 में पूरा होने के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस को शुरुआत में कटरा-श्रीनगर के बीच चलाया गया था। अप्रैल 2026 में इसे जम्मू तवी तक बढ़ाया गया। इसी दौरान ट्रेन में कोच की संख्या 8 से बढ़ाकर 20 की गई।
रेल मंत्रालय के अनुसार, जम्मू-श्रीनगर के बीच वंदे भारत की नियमित सेवा 2 मई से शुरू हुई। मंत्रालय ने अगस्त में बताया था कि रेलवे नेटवर्क के करीब 81% हिस्से को 110 किमी प्रति घंटे या उससे अधिक की गति के लिए अपग्रेड किया जा चुका है, जबकि 2014 में यह आंकड़ा करीब 40% था।
359 मीटर ऊंचा है चिनाब रेलवे ब्रिज
चिनाब रेलवे ब्रिज नदी तल से करीब 359 मीटर की ऊंचाई पर बना है और इसकी लंबाई 1,315 मीटर है। इसे दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज माना जाता है। यह ब्रिज भूकंप, बाढ़, बर्फबारी और अन्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। यह क्षेत्र भूकंपीय जोन-4 में आता है, जबकि पुल को जोन-5 की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टे रेलवे ब्रिज
अंजी ब्रिज भारत का पहला केबल-स्टे रेलवे ब्रिज है। यह अंजी नदी घाटी पर कटरा-बनिहाल रेल सेक्शन में स्थित है। पुल की कुल लंबाई करीब 725.5 मीटर है, जिसमें 472.25 मीटर हिस्सा केबल्स पर टिका है। इसके मुख्य टावर की ऊंचाई नदी तल से करीब 331 मीटर है।
कटरा-बनिहाल सेक्शन 272 किलोमीटर लंबे USBRL प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसी रेल मार्ग पर 12.77 किलोमीटर लंबी एक प्रमुख परिवहन सुरंग भी स्थित है।



