Jodhpur Paota District Hospital News: राजस्थान में प्रसूता महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर के पावटा स्थित डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है. महिलाओं को ब्लीडिंग और ब्लड प्रेशर लो होने जैसी गंभीर शिकायतें हुईं, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया.
2 महिलाओं की हालत गंभीर
जानकारी के अनुसार, प्रभावित महिलाओं में से 2 की हालत अधिक गंभीर होने पर उन्हें मथुरा दास माथुर (MDM) अस्पताल में भर्ती कराया गया. जांच के दौरान दोनों महिलाओं में किडनी संक्रमण की समस्या भी सामने आई. इनमें से एक महिला की स्थिति ज्यादा गंभीर होने पर उसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) जोधपुर रेफर किया गया, जहां आईसीयू में उसका उपचार चल रहा है.
हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर को किया गया बंद
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने एहतियातन बड़ा कदम उठाते हुए डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर (OT) को बंद कर दिया है. अस्पताल से विभिन्न सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं. रिपोर्ट आने तक ऑपरेशन थिएटर में किसी भी प्रकार की सर्जरी नहीं की जाएगी.
जांच के लिए समिति की किया गया गठन
अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) डॉ. कुलबीर चोपड़ा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच समिति का गठन किया है. समिति में वरिष्ठ चिकित्सकों, ड्रग इंस्पेक्टर और अन्य संबंधित अधिकारियों को शामिल किया गया है. यह टीम सभी सैंपल्स और चिकित्सा प्रक्रियाओं की गहन जांच कर रही है.
डॉ. चोपड़ा ने बताया कि सिजेरियन डिलीवरी के दौरान उपयोग में लाई गई दवाओं पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है. जांच पूरी होने तक इन दवाओं का उपयोग नहीं किया जाएगा. प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के पीछे दवाओं का प्रभाव, संक्रमण या कोई अन्य कारण जिम्मेदार है.
अशोक गहलोत ने लगाया लापरवाही का आरोप
वहीं इस पूरे मामले पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और 2 माताओं की हालत गंभीर होने का समाचार बेहद चिंताजनक है. प्रसूताओं को सेप्टीसीमिया होना और किडनी खराब होने जैसी गंभीर स्थिति पैदा होना चिकित्सा व्यवस्था में आई भारी गिरावट और गंभीर लापरवाही को दर्शाता है. हैरान करने वाली बात है कि एक तरफ शहर में सरकारी आयोजन और वीआईपी दौरों की चमक बिखेरी जा रही थी, वहीं दूसरी तरफ हमारी माताओं-बहनों की जिंदगी खतरे में थी और प्रशासन सच्चाई छुपाने में जुटा रहा. आज जोधपुर पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात करूंगा.’
कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद 8 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और दो माताओं की हालत गंभीर होने का समाचार बेहद चिंताजनक है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) June 22, 2026
प्रसूताओं को सेप्टीसीमिया होना और किडनी खराब होने जैसी गंभीर स्थिति पैदा होना चिकित्सा व्यवस्था में आई भारी…
गौरतलब है कि इससे पहले राजस्थान के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले सामने आ चुके हैं. ऐसे में जोधपुर की घटना ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. सरकार अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.
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