Tuesday, May 12, 2026
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किसानों को ब्याज माफी से राहत, गांव-गांव पहुंचेगा माइक्रो ATM! राजस्थान में शुरू हुई नई ग्रामीण बैंकिंग क्रांति?

राजस्थान सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए खेती के पुराने कर्ज पर ब्याज माफी योजना की अवधि बढ़ा दी है। साथ ही गांव-गांव माइक्रो ATM, डोरस्टेप बैंकिंग और RuPay कार्ड सुविधा शुरू करने की तैयारी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था और राजनीति दोनों में नई हलचल पैदा कर दी है।

जयपुर। राजस्थान में किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार ने बड़े फैसले किए हैं। एक तरफ खेती के पुराने कर्ज पर ब्याज माफी योजना की अवधि बढ़ा दी गई है, वहीं दूसरी तरफ गांवों तक माइक्रो ATM और डोरस्टेप बैंकिंग सुविधा पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। इन फैसलों के बाद प्रदेश की राजनीति और ग्रामीण इलाकों में नई चर्चा तेज हो गई है।

30 जून 2026 तक बढ़ाई गई ब्याज राहत योजना

राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 की अवधि अब 30 जून 2026 तक बढ़ा दी है। इस योजना के तहत किसानों को पुराने कृषि ऋणों पर लगने वाले बकाया ब्याज, दंडनीय ब्याज और वसूली खर्च में 100 प्रतिशत तक राहत दी जाएगी।

सरकार के अनुसार, 1 जुलाई 2024 की स्थिति तक बकाया अवधिपार ब्याज पर यह राहत लागू होगी। इसका उद्देश्य उन किसानों को राहत देना है जो प्राकृतिक आपदाओं और खराब फसलों के कारण समय पर ऋण नहीं चुका पाए।

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अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से बिगड़ी किसानों की हालत

सहकारिता मंत्री गौतम दक ने कहा कि पिछले वर्ष अतिवृष्टि से खरीफ फसलें प्रभावित हुई थीं। इसके बाद मार्च और अप्रैल 2026 में हुई असामयिक बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया। ऐसे में बड़ी संख्या में किसान ऋण चुकाने में असमर्थ रहे। सरकार का मानना है कि यदि किसानों को राहत नहीं दी जाती, तो वे दोबारा सहकारी बैंकिंग व्यवस्था से नहीं जुड़ पाते।

फिर से मिलेगा नया कृषि ऋण

सरकार ने साफ किया है कि योजना का लाभ लेने वाले किसान दोबारा सहकारी ऋण व्यवस्था से जुड़ सकेंगे। साथ ही वे 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान योजना के तहत नए कृषि ऋण लेने के पात्र भी बन जाएंगे। 31 मार्च 2026 तक 10 हजार 523 ऋणियों ने करीब 143 करोड़ रुपये जमा करवाए हैं। इसके बदले उन्हें लगभग 190 करोड़ रुपये की राहत दी गई है। सरकार इसे केवल राहत योजना नहीं बल्कि किसानों को आर्थिक मुख्यधारा में वापस लाने का अभियान बता रही है।

गांव-गांव पहुंचेगा माइक्रो ATM

इसी बीच राजस्थान सरकार और NABARD की बैठक में ग्रामीण बैंकिंग को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। अब प्रदेश के गांवों में माइक्रो ATM पहुंचाने की तैयारी शुरू हो गई है। करीब 12 हजार प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों और PACS को माइक्रो ATM दिए जाएंगे। इससे किसानों और पशुपालकों को गांव में ही बैंकिंग सुविधा मिल सकेगी। अब ग्रामीणों को पैसे निकालने, खाता खोलने या बैंकिंग सेवाओं के लिए शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार का दावा है कि इससे डोरस्टेप बैंकिंग व्यवस्था मजबूत होगी।

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मोबाइल बैंकिंग और RuPay कार्ड पर भी जोर

बैठक में सभी केंद्रीय सहकारी बैंकों को जल्द मोबाइल बैंकिंग सेवाएं शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा किसानों और पशुपालकों को RuPay Debit Card जारी करने की योजना पर भी काम शुरू हो गया है। सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में 10 लाख RuPay डेबिट कार्ड वितरित करने का लक्ष्य रखा है। वहीं 6,781 PACS के कंप्यूटरीकरण को भी 30 जून तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्रामीण राजनीति में बढ़ा संदेश

इन फैसलों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के लिए बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है। एक तरफ किसानों को ब्याज राहत दी जा रही है, दूसरी तरफ गांवों तक डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार अब ग्रामीण वोटर्स, किसानों और पशुपालकों पर विशेष फोकस कर रही है। आने वाले समय में यह योजनाएं जमीन पर कितना असर दिखाती हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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