Ashok Gehlot Vs Kirodi Lal Meena: NEET-UG 2026 परीक्षा कैंसिल होने के बाद राजस्थान की सियासत फिर गरमा गई है. वार- पलटवार का सिलसिला शुरू हो गया है. पहले पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सरकार पर नीट यूजी पेपर लीक मामले को छिपाने और FIR दर्ज नहीं करने आरोप लगाया. इस पर मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि ‘उनके शासनकाल में सबसे ज्यादा पेपरलीक हुए थे. इसीलिए उन्हें हम पर इल्जाम लगाने का नैतिक अधिकारी नहीं.’
‘गहलोत को हम पर आरोप लगाने का नैतिक अधिकार नहीं’
किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि ‘आप खुद गहलोत और दूसरों के पिछले ट्रैक रिकॉर्ड के गवाह हैं जो अभी बयान दे रहे हैं. उनके कार्यकाल में, 18 में से 17 पेपर लीक हुए थे. और पेपर लीक के एक मामले में तो FIR दर्ज कराने के लिए मैं खुद 3 दिन तक थाने में धरने पर बैठा रहा. मामला दर्ज नहीं किया. उल्टा मुझे ही गिरफ्तार करके ले गए. इसीलिए उनको हम पर आरोप लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं. क्यों कि उनका अपना रिकॉर्ड भी बिल्कुल साफ नहीं है. उनके शासनकाल में सबसे ज्यादा पेपरलीक हुए थे.
#WATCH | Jaipur: On NEET-UG 2026 exam cancelled following paper leak allegations, Rajasthan Minister Kirodi Lal Meena says, "See the government's sensitivity: when it came to light that the examination paper had been leaked and that 120 out of the 320 questions matched the actual… pic.twitter.com/klf2YnStQA
— ANI (@ANI) May 12, 2026
किरोड़ी मीणा ने सरकार को बताया संवेदनशील
मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने आगे कहा कि सरकार की संवेदनशीलता देखिए, जब यह बात सामने आई कि एग्जाम का पेपर लीक हो गया था और 320 में से 120 सवाल असली क्वेश्चन पेपर से मैच कर रहे थे, तो सरकार ने तुरंत एग्जाम कैंसिल कर दिया और CBI जांच का ऑर्डर दे दिया. जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह केरल का हो या सीकर का, अब वह कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएगा. और विपक्ष के बयानों के बारे में-जिसमें दावा किया जा रहा है कि सरकार इस मामले को दबाना चाहती है, तथ्य खुद बोलते हैं. तुरंत CBI जांच शुरू की गई, बिना देर किए एग्जाम कैंसिल कर दिया गया, और जल्द ही दोबारा एग्जाम के बारे में अनाउंसमेंट होने की उम्मीद है.”
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने क्या कहा था
NEET UG 2026 कैंसिल होने पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि प्रवेश परीक्षा का रद्द होना यह दर्शाता है कि इस पेपर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी. राजस्थान की भाजपा सरकार ने जानबूझकर 2 सप्ताह तक इसे छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर और CBI को जांच सौंपकर युवाओं के हित में एक साहसिक निर्णय लिया है.’
NEET (UG) प्रवेश परीक्षा का रद्द होना यह दर्शाता है कि इस पेपर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी। राजस्थान की भाजपा सरकार ने जानबूझकर दो सप्ताह तक इसे छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर और सीबीआई को जांच सौंपकर…
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) May 12, 2026
‘बदनामी से बचने के लिए OMR शीट घोटाला छिपाया’
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार ने पहले कर्मचारी चयन बोर्ड में हुए OMR शीट घोटाले को छिपाया, ताकि सरकार की बदनामी न हो. कमजोर पैरवी के कारण उस मामले के आरोपियों को जमानत भी मिल गई. इसी प्रकार, अब NEET (UG) परीक्षा लीक की जानकारी को भी छिपाने का प्रयास किया गया और FIR तक दर्ज नहीं की गई. अब सच्चाई सामने आ गई है और भाजपा सरकार का असली चेहरा बेनकाब हो गया है.
गहलोत ने FIR दर्ज नहीं करने पर उठाया सवाल
पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि “यह समझ से बाहर है कि 3 तारीख को परीक्षा ली गई थी और छात्रों ने 3, 4 तारीख को ही शिकायत की थी कि पेपर लीक हुआ था. फिर क्या कारण था जो FIR दर्ज नहीं की गई?. अब सवाल है कि 2024, 2025 और 2026 में लगातार 3 सालों तक पेपर लीक हुआ है. इससे हमारी नौजवान पीढ़ी बहुत दुखी है. यह एक बहुत बड़ी चुनौती है. हमें पता लगाना चाहिए कि इस समस्या का समाधान क्या होना चाहिए. यह बहुत दुखद घटना है.”
#WATCH जयपुर: NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द किए जाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने कहा, "यह समझ से बाहर है कि 3 तारीख को परीक्षा ली गई थी और छात्रों ने 3,4 तारीख को ही शिकायत की थी कि पेपर लीक हुआ था… यह समझ से बाहर है कि क्या कारण… pic.twitter.com/6MIVsiDGk2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 12, 2026



