जयपुर। राजस्थान में आगामी जिला परिषद, पंचायत समिति और नगर निकाय चुनावों की आहट के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने निकाय और स्थानीय चुनावों में पार्टी के टिकट वितरण के फॉर्मूले को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। रंधावा ने दावा किया है कि प्रदेश में इस समय हवा कांग्रेस के पक्ष में बह रही है और पार्टी एकजुट होकर इन चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी।
विनेबिलिटी और सर्वसम्मति बनेगी टिकट का आधार
टिकट वितरण के फॉर्मूले पर बात करते हुए सुखजिंदर सिंह रंधावा ने स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी भी तरह का ‘सिफारिशी लिफाफा सिस्टम’ नहीं चलेगा। जिस सीट पर स्थानीय स्तर पर सर्वसम्मति बनेगी, वहां उसी दावेदार को तरजीह दी जाएगी। इसके अलावा उम्मीदवार की क्षेत्र में पकड़ और जीतने की क्षमता (विनेबिलिटी) ही टिकट तय करने का सबसे मुख्य पैमाना होगी।
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PAC और वरिष्ठ नेताओं से सलाह के बाद फाइनल होंगे नाम
रंधावा के अनुसार, प्रत्याशियों के चयन के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC), जिला प्रभारी, जिलाध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्षों के साथ ग्राउंड फीडबैक लिया जाएगा। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट समेत तमाम वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श करके ही अंतिम सूची तैयार की जाएगी।
गुटबाजी के आरोपों पर पलटवार, अमित शाह पर साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी द्वारा कांग्रेस में गुटबाजी के दावों पर पलटवार करते हुए रंधावा ने कहा कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है और कांग्रेस की एकजुटता की आंधी को विरोधी रोक नहीं पाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया राजस्थान दौरे पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को अनर्गल आरोप लगाने के बजाय देश की कानून व्यवस्था और जेलों से चल रहे गैंगस्टर नेटवर्क पर जवाब देना चाहिए।
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‘कांग्रेस को किसी से देशभक्ति का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए’
सोनिया गांधी और देशभक्ति को लेकर भाजपा की ओर से उठाए गए सवालों पर तीखा ऐतराज जताते हुए रंधावा ने कहा कि कांग्रेस और गांधी परिवार का देश की आजादी में ऐतिहासिक योगदान रहा है। पार्टी शुरू से ही ‘वंदे मातरम’ का सम्मान करती आई है, इसलिए कांग्रेस को भाजपा से देशभक्ति का कोई प्रमाण पत्र लेने की आवश्यकता नहीं है।



