जयपुर: राजस्थान के हालिया नगर निकाय चुनावों में प्रचंड जीत दर्ज करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अब बिना वक्त गंवाए प्रदेश के अगले सबसे बड़े राजनीतिक मुकाबले यानी ‘पंचायती राज चुनाव’ के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। संगठन को ग्रामीण इलाकों में मजबूती देने और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने के लिए खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कमान संभाल ली है। इसी सिलसिले में शनिवार को मुख्यमंत्री ने उदयपुर और प्रतापगढ़ का दौरा किया, जहां उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद कर आगामी पंचायत चुनावों में जीत की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की।
‘कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत, अब गांव-गांव फहराना है परचम’
प्रतापगढ़ और उदयपुर में आयोजित पार्टी की बैठकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की असली रीढ़ उसके कार्यकर्ता ही होते हैं। कार्यकर्ताओं के दम पर ही पार्टी की नीतियां और सरकार के काम आम जनता तक पहुंचते हैं। निकाय चुनावों में मिली सफलता पर कार्यकर्ताओं की तारीफ करते हुए सीएम ने कहा कि यह ऐतिहासिक जीत कार्यकर्ताओं के दिन-रात के परिश्रम और जनता से सीधे जुड़ाव का नतीजा है। अब इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ हमें ग्रामीण पंचायती राज चुनावों में भी कमल खिलाना है।
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सीएम भजनलाल शर्मा ने दिए ये 3 बड़े मंत्र:
- बूथ स्तर पर घेराबंदी: मुख्यमंत्री ने साफ किया कि चुनाव में जीत का रास्ता बूथ से होकर गुजरता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि हर एक बूथ को सबसे मजबूत इकाई बनाया जाए, ताकि विरोधी पार्टियों के पास कोई गुंजाइश न बचे।
- जनता से निरंतर संवाद: सीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे केवल चुनाव के वक्त ही नहीं, बल्कि हर समय जनता के बीच मौजूद रहें। गांव-ढाणी के लोगों की समस्याओं को समझकर उनका त्वरित समाधान करवाएं, जिससे जन-विश्वास और गहरा हो सके।
- योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना: राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है।
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सरकार और संगठन के तालमेल से ग्रामीण बेल्ट साध्य करने की तैयारी
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राजस्थान में नई सरकार के गठन के बाद से ही सत्ता और संगठन के बीच काफी बेहतर तालमेल नजर आ रहा है। शहरों के निकाय चुनाव जीतने के बाद अब बीजेपी का पूरा ध्यान ग्रामीण वोटबैंक को अपने पाले में मजबूत रखने पर है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ताबड़तोड़ दौरों और सख्त निर्देशों से साफ है कि भाजपा पंचायत चुनावों में किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। अब देखना यह होगा कि शहरों में मिली शिकस्त के बाद विपक्षी दल कांग्रेस ग्रामीण इलाकों में बीजेपी की इस आक्रामक घेराबंदी का मुकाबला कैसे करती है।



