जयपुर / उदयपुर। राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शनिवार को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। एसीबी की इंटेलिजेंस यूनिट (उदयपुर) ने एक दलाल को 2 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। वहीं, इस पूरे घूसकांड में भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर SOG (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) मुकेश कुमार सोनी को बालोतरा स्थित उनके निवास से डिटेन (हिरासत में) किया गया है।
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नगर निगम उदयपुर के बहुचर्चित भूखंड घोटाले से जुड़े तार
एसीबी के महानिदेशक (DG) गोविन्द गुप्ता ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि उदयपुर नगर निगम के 272 भूखंडों से जुड़े बहुचर्चित प्रकरण संख्या 97/2022 में राहत दिलाने के नाम पर यह सौदा किया गया था।
शिकायतकर्ता ने एसीबी में शिकायत दी थी कि इस केस में पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों को राहत दिलाने, अन्य मामलों में नया आरोपी न बनाने और गिरफ्तारी के समय उनके घर से बरामद बिना-जब्त दस्तावेजों को वापस लौटाने की एवज में यह रिश्वत मांगी जा रही थी। यह पूरी डील दलाल सज्जन सिंह जैन उर्फ ‘टाटला’ के जरिए SOG के एएसपी मुकेश कुमार सोनी द्वारा की जा रही थी।
फैक्ट्री में 2 करोड़ रुपये लेते दलाल रंगे हाथों दबोचा गया
एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद जब मांग का गोपनीय सत्यापन कराया, तो रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। इसके बाद 26 सितंबर 2026 को एसीबी टीम ने जाल बिछाया।
जैसे ही दलाल सज्जन सिंह जैन परिवादी की फैक्ट्री में 2 करोड़ रुपये की रिश्वत राशि लेने पहुंचा, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। बरामद कुल राशि में से 4 लाख रुपये असली भारतीय मुद्रा हैं।
ट्रैप की कार्रवाई के तुरंत बाद एसीबी की टीम ने बालोतरा से एएसपी मुकेश कुमार सोनी को भी डिटेन कर लिया, जिनसे फिलहाल पूछताछ जारी है।
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इन अधिकारियों के नेतृत्व में हुई ऐतिहासिक कार्रवाई
इस सफल ट्रैप की कार्रवाई एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक (IG) श्रीमती एस. परिमला के सुपरविजन में अंजाम दी गई।
- पर्यवेक्षण: डॉ. रामेश्वर सिंह (उपमहानिरीक्षक पुलिस, ACB)
- निर्देशन: गोपालस्वरूप मेवाड़ा (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ब्यूरो चौकी इंटे., उदयपुर)
- टीम का नेतृत्व: डॉ. सोनू शेखावत (पुलिस उप अधीक्षक, ACB इंटेलिजेंस यूनिट, उदयपुर)
BNS और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मामला दर्ज
एसीबी द्वारा गिरफ्तार दलाल सज्जन सिंह जैन और संदिग्ध एएसपी मुकेश कुमार सोनी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 7, 7A तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 61(2) के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
📢 आम जनता के लिए ACB की विशेष अपील
एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ एसीबी में कोई मामला, अभियोग या प्राथमिक जांच दर्ज होती है, तो वह सीधे ACB से संपर्क कर अपना पक्ष और स्पष्टीकरण दे सकता है। एसीबी जांच के दौरान हर स्पष्टीकरण का निष्पक्ष विश्लेषण करती है। यह जानकारी इसलिए दी जा रही है ताकि कोई भी नागरिक एसीबी का डर दिखाकर की जाने वाली धोखाधड़ी या ब्लैकमेलिंग का शिकार न बने।
भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत के लिए संपर्क करें:
- टोल-फ्री हेल्पलाइन:
1064- व्हाट्सएप नंबर:
94135-02834(एसीबी की यह सेवाएं 24×7 उपलब्ध हैं।)



