जयपुर: राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र महज दो दिनों की छोटी अवधि के बाद शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। 20 अगस्त से शुरू हुआ यह सत्र दोनों ही दिन सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखे राजनीतिक गतिरोध तथा भारी शोरगुल की भेंट चढ़ गया, जिससे आम जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर व्यापक चर्चा नहीं हो सकी।
सदन के पटल पर आया UCC बिल, विपक्ष की नारेबाजी जारी रही
हंगामे और नारेबाजी के बीच ही संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को सदन के पटल पर पुरस्थापित (पेश) किया। उत्तराखंड की तर्ज पर राजस्थान सरकार द्वारा लाया गया यह बिल जैसे ही मेज पर रखा गया, विपक्षी कांग्रेस विधायकों का विरोध और तेज़ हो गया। इसके अलावा, शोरगुल के माहौल में ही संबंधित मंत्रियों ने विभिन्न विभागों की अधिसूचनाएं और अनुपूरक अनुदान की मांगें सदन के समक्ष रखीं।
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‘जनता देख रही है आपको’: स्पीकर देवनानी की विपक्ष को सीख
विपक्षी विधायकों के वेल में आकर नारेबाजी करने और अपनी सीटों पर न बैठने पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा:
“कांग्रेस विधायकों को अनुशासन बनाकर अपनी सीटों पर बैठना चाहिए। राजस्थान की जनता आपको देख रही है और आप वह जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं, जिसके लिए जनता ने आपको चुनकर भेजा है।”
इसके जवाब में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश की जनता की समस्याओं को सरकार सुनने को तैयार नहीं है, इसलिए विपक्ष को जनहित के मुद्दे उठाने के लिए सदन में आवाज बुलंद करनी पड़ रही है।
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शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी, शून्यकाल का बहिष्कार
सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शून्यकाल की कार्यवाही का बहिष्कार किया। हालांकि, इस गहमागहमी के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक मनोज न्यांगली ने यमुना जल समझौते और भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सरकार से मांग की कि आंदोलनरत किसानों को उनकी अधिग्रहित भूमि का 20 गुना मुआवजा दिया जाए और किसी भी स्थिति में किसानों का हक न मारा जाए। लगातार बढ़ते हंगामे और दोनों पक्षों के बीच सहमति न बनते देख स्पीकर वासुदेव देवनानी ने विधानसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।



