Saturday, October 10, 2026
HomeIndiaदक्षिण भारत पहुंचा ‘छात्रों की गूंज’ अभियान, चेन्नई में युवाओं से संवाद...

दक्षिण भारत पहुंचा ‘छात्रों की गूंज’ अभियान, चेन्नई में युवाओं से संवाद करेंगे राहुल गांधी…CM विजय से मुलाकात पर भी नजर

राहुल गांधी आज 10 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के छठे कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे। शिक्षा, बेरोजगारी और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों के बीच मुख्यमंत्री विजय से उनकी प्रस्तावित मुलाकात भी चर्चा में है।

चेन्नई, तमिलनाडु। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज, 10 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के छठे कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे। कोटा, देहरादून, प्रयागराज, पुणे और इंदौर के बाद इस अभियान का आयोजन पहली बार दक्षिण भारत में किया जा रहा है। कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और युवाओं पर बढ़ते दबाव जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। चेन्नई के आइलैंड ग्राउंड्स में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को कांग्रेस की युवा मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए छात्रों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले पांच कार्यक्रमों में करीब 1.54 लाख लोगों की भागीदारी रही है।

दक्षिण भारत के 7.5 करोड़ युवाओं पर राहुल गांधी का फोकस

‘यूथ इन इंडिया 2022’ रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण भारत में 15 से 29 वर्ष की उम्र के करीब 7.5 करोड़ युवा हैं। युवाओं की इतनी बड़ी आबादी को देखते हुए राजनीतिक दल शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर उनका समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान में युवाओं को अपनी समस्याएं सीधे रखने का अवसर देने पर जोर दिया जा रहा है। इस दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक, रोजगार के अवसरों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल प्रमुखता से उठ सकते हैं। इस अभियान के जरिए कांग्रेस युवाओं की चिंताओं को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी किन मुद्दों पर क्या घोषणाएं करते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी।

कांग्रेस के लिए क्यों अहम है राहुल गांधी का चेन्नई दौरा?

राहुल गांधी का तमिलनाडु दौरा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के बीच राजनीतिक सहयोग स्थापित हुआ है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस की भागीदारी ने राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनाए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राहुल गांधी अपने चेन्नई दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विजय से भी मुलाकात करेंगे। इस बैठक में राज्य की राजनीति, गठबंधन के साझा कार्यक्रम और भविष्य की चुनावी रणनीति जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस के लिए यह दौरा इसलिए भी अहम है, क्योंकि पार्टी को तमिलनाडु में अपनी राजनीतिक भूमिका मजबूत करने के साथ-साथ युवा मतदाताओं और छात्र समुदाय के बीच अपनी पहुंच बढ़ानी है।

11 अक्टूबर को तमिलनाडु पहुंचेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

राहुल गांधी का चेन्नई दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमिलनाडु दौरे से ठीक एक दिन पहले हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी 11 अक्टूबर को राज्य के दौरे पर रहेंगे। उनके कार्यक्रम में चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण के कॉरिडोर-4 से जुड़ा कार्यक्रम भी शामिल बताया गया है। दोनों नेताओं के लगातार दो दिनों में तमिलनाडु पहुंचने से राज्य का राजनीतिक माहौल चर्चा में है। जहां राहुल गांधी छात्रों और युवाओं के साथ संवाद के जरिए अपनी बात रखेंगे, वहीं प्रधानमंत्री मोदी का दौरा विकास परियोजनाओं पर केंद्रित रहेगा।

देश में 36.74 करोड़ युवा, कुल आबादी में करीब 26% हिस्सेदारी

दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में देश में 15 से 29 वर्ष की उम्र के करीब 36.74 करोड़ युवा हैं। यह देश की कुल आबादी का लगभग 26 प्रतिशत हिस्सा बताया गया है। युवा मतदाता आने वाले चुनावों में राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शिक्षा, रोजगार, महंगाई, कौशल विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता जैसे मुद्दे युवाओं के राजनीतिक रुझान को प्रभावित कर सकते हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के आंकड़ों के अनुसार, 18 से 29 वर्ष की उम्र के मतदाताओं की हिस्सेदारी कुल मतदाताओं में 22.78 प्रतिशत थी। अलग-अलग आयु वर्गों के इन आंकड़ों को समझना जरूरी है, क्योंकि 15 से 29 वर्ष की आबादी और 18 से 29 वर्ष के पंजीकृत मतदाता एक समान श्रेणी नहीं हैं।

युवाओं में बेरोजगारी भी बड़ा मुद्दा

युवाओं के बीच रोजगार की चिंता भी राजनीतिक दलों के एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उपलब्ध विवरण में पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) 2025 के हवाले से 15 से 29 वर्ष के युवाओं में बेरोजगारी दर 9.9 प्रतिशत बताई गई है। इसी विवरण के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 8.3 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 13.6 प्रतिशत है। पुरुष युवाओं में बेरोजगारी दर 9.3 प्रतिशत, जबकि महिला युवाओं में 11.3 प्रतिशत बताई गई है। ऐसे आंकड़ों के बीच छात्रों और युवाओं से संवाद करने का राहुल गांधी का अभियान रोजगार, शिक्षा और परीक्षा प्रणाली जैसे विषयों पर कांग्रेस की राजनीतिक प्राथमिकताओं को सामने लाने का अवसर है।

क्या ‘छात्रों की गूंज’ से कांग्रेस को मिलेगा राजनीतिक फायदा?

‘छात्रों की गूंज’ अभियान का उद्देश्य छात्रों को अपनी समस्याएं और सुझाव रखने के लिए मंच देना है। चेन्नई में इसका आयोजन कांग्रेस के लिए दक्षिण भारत के युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का अवसर भी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि कार्यक्रम में छात्र किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं, राहुल गांधी उनका क्या जवाब देते हैं और मुख्यमंत्री विजय के साथ उनकी प्रस्तावित मुलाकात से तमिलनाडु की राजनीति में क्या संकेत निकलते हैं।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image