PM Modi Youth Popularity : मुंबई। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युवाओं के बीच बढ़ती लोकप्रियता से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी असहज हैं। गोयल के मुताबिक, राहुल गांधी खुद को युवा नेता मानते थे, लेकिन अब युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने कहा कि भाजपा को लगातार युवा मतदाताओं का समर्थन मिल रहा है और ‘जेन जेड’ हमेशा से पार्टी के साथ रहा है। गोयल ने कहा कि युवा विकसित भारत के प्रधानमंत्री मोदी के विजन का समर्थन जारी रखेंगे।
PM मोदी की लोकप्रियता पर पीयूष गोयल का बड़ा दावा
मुंबई उत्तर लोकसभा क्षेत्र से सांसद गोयल ने कहा कि युवा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण का आगे भी समर्थन करते रहेंगे। उन्होंने मोदी को दुनिया का ‘‘सबसे लोकप्रिय नेता’’ बताते हुए कहा कि युवाओं के साथ उनका जुड़ाव और विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर उनकी सक्रिय मौजूदगी देश के विकास को और गति देगी। गोयल ने संवाददाताओं से कहा, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी की बढ़ती लोकप्रियता और युवाओं से उनके जुड़ाव से स्वयं को खतरा महसूस कर रहे हैं। राहुल गांधी स्वयं को युवा नेता मानते थे, लेकिन अब यह साबित हो गया है कि वह प्रधानमंत्री मोदी जितने लोकप्रिय नहीं हैं।
नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के प्रदर्शन और उसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़े सवालों पर गोयल ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मामलों से निपटने को लेकर केंद्र सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने इस संबंध में कड़ा कानून बनाया है। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार ने 2010-11 में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक रोकने के लिए कानून बनाने की योजना बनाई थी, लेकिन उसे पेश करने का साहस नहीं दिखाया।
पीयूष गोयल ने विपक्ष पर साधा निशाना
गोयल ने कहा कि मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार 2024 में यह कानून लेकर आई और बाद में इसमें संशोधन करके इसे और सख्त बनाया, जिसके तहत कड़ी सजा और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष अदालतों का प्रावधान किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी सहित विपक्षी दलों ने इस कानून का विरोध किया था।
गोयल ने कहा, मैं उनकी निराशा और हताशा समझ सकता हूं क्योंकि मतदाता उन्हें बार-बार नकार रहे हैं। वे लगातार चुनाव हार रहे हैं। जब इस विधेयक पर चर्चा हो रही थी, तब उन्हें इसका समर्थन करना चाहिए था। मैं कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और अन्य दलों द्वारा इस विधेयक का विरोध किए जाने की निंदा करता हूं। लोकसभा और राज्यसभा ने पिछले सप्ताह लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पारित किया था।



