बिश्केक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर भारत का शांति संदेश दोहराया। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन से इतर हुई द्विपक्षीय बैठक में मोदी ने कहा कि लंबे समय से जारी युद्ध को खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ना पूरी मानवता के हित में है। उन्होंने सभी विवादों का शांतिपूर्ण समाधान जल्द तलाशने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पुतिन के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्ध में बीतने वाला प्रत्येक दिन मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम दुनिया में नई उम्मीद पैदा करता है। मोदी ने भारत की भूमिका को स्पष्ट करते हुए कहा कि नई दिल्ली शांति के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों के साथ खड़ी है।
प्रधानमंत्री ने भारत की सभ्यतागत विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधी और बुद्ध की धरती का एक साझा संदेश है—शांति का रास्ता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में युद्ध से निकलकर संवाद और शांतिपूर्ण समाधान की ओर बढ़ना जरूरी है।
पहली मुलाकात, गर्मजोशी से हुआ स्वागत
इस साल दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने मुलाकात थी। बैठक से पहले मोदी और पुतिन ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया। दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात दिसंबर 2025 में हुई थी, जब पुतिन भारत के दो दिवसीय दौरे पर आए थे और 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था।
मोदी ने पुतिन की पिछली भारत यात्रा को बेहद सफल और यादगार बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है और दोनों सरकारें अपने-अपने नागरिकों के हित में मिलकर काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की नीति को भारत-रूस संबंधों का साझा आधार बताया।
ब्रिक्स सम्मेलन के लिए भारत आने का न्योता
प्रधानमंत्री ने पुतिन को भारत में होने वाले आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता भी दिया। मोदी ने कहा कि भारत और रूस के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ ब्रिक्स के भीतर संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने में पुतिन की यात्रा अहम होगी। उन्होंने कहा कि भारत उनके और उनके प्रतिनिधिमंडल के स्वागत के लिए उत्सुक है।
पुतिन ने मोदी की भूमिका की सराहना की
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी के सिद्धांतों पर लगातार मजबूत होता बताया। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने में प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत प्रयासों और भारत-रूस संबंधों पर दिए जा रहे विशेष ध्यान की सराहना की। पुतिन ने दोनों देशों के बीच विकसित हुए कारोबारी और मैत्रीपूर्ण संबंधों के लिए मोदी का आभार भी जताया।



