Rahul Gandhi On Amit Shah: लोकसभा में बुधवार को ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सत्तापक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. राहुल गांधी ने NEET प्रश्नपत्र लीक के विरोध में छात्रों के आंदोलन और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए.
राहुल गांधी ने सदन में गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति का भी उल्लेख किया और दावा किया ‘गृह मंत्री’ में हिम्मत नहीं है कि वह सदन में आ सकें. नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री सदन में नहीं हैं क्योंकि वह डरे हुए हैं.’ उन्होंने ही हमारे छात्रों पर गोली चलाने की इजाजत दी थी. जिस पर सत्तापक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया.
#WATCH | Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "I am very happy today to see that so-called Home Minister of this country does not have the courage to come and sit here. I saw his carcade and the HM sitting inside the car, looking, shaking. Why is the Home Minister not here today?… pic.twitter.com/krlPghdfnf
— ANI (@ANI) July 29, 2026
राहुल गांधी के आरोपों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष यह स्पष्ट करें कि उन्होंने किस आधार पर देश के एक जिम्मेदार व्यक्ति पर इतने गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि यदि आरोपों के समर्थन में कोई तथ्य नहीं हैं तो राहुल गांधी को सदन से माफी मांगनी चाहिए।
#WATCH | Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju objects and says, "…How can you say this? You are the LoP. On what basis are you saying this? Who told you this? What you said is wrong. I object, this should be expunged. Rahul Gandhi apologise…This is a serious… pic.twitter.com/UQnjMa3qBi
— ANI (@ANI) July 29, 2026
राहुल गांधी के समर्थन में उतरे अखिलेश यादव
राहुल गांधी के बयान के समर्थन में उतरे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं तो सरकार को बताना चाहिए कि छात्रों पर बलप्रयोग का आदेश किसने दिया था. इस दौरान सत्तापक्ष के सदस्य “राहुल गांधी माफी मांगो’ के नारे लगाने लगे, जबकि कांग्रेस सांसदों ने ‘एलओपी को बोलने दो’ और ‘गृह मंत्री जवाब दो’ के नारे लगाए.
अध्यक्ष ने बिना साक्ष्य आरोप लगाने पर जताई आपत्ति
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी कहा कि किसी भी सदस्य, विशेषकर नेता प्रतिपक्ष, को बिना तथ्य, जांच या साक्ष्य के किसी व्यक्ति पर गंभीर आरोप नहीं लगाने चाहिए. उन्होंने सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की. हंगामे के चलते अध्यक्ष ने लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.
‘शिक्षा व्यवस्था पर बीजेपी के वैचारिक संगठन का कब्जा’
विधेयक पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर बीजेपी के वैचारिक संगठन ने कब्जा कर लिया है. उन्होंने कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान केवल एक प्रतीक थे और वास्तविक निर्णय किसी अन्य स्तर पर लिए जा रहे थे. उन्होंने छात्रों के विरोध प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए यह भी कहा कि प्रदर्शनकारी बच्चों के माता-पिता में साहस नहीं है कि वो भाजपा और उसके वैचारिक संगठन का मुकाबला करें, लेकिन ये बच्चे सामने खड़े हो गए. छात्रों ने डर को बाहर निकालकर चुनौती दी और खुलकर सवाल किया.
#WATCH | Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "The use of force can only be authorised by the Home Minister or the Prime Minister." pic.twitter.com/mqRJU3PcZz
— ANI (@ANI) July 29, 2026
‘युवाओं ने जो किया, वह कोई गुस्सा, हिंसा और नफरत नहीं थी’
राहुल गांधी ने कहा कि सड़कों पर इस देश के युवाओं ने जो किया, वह कोई गुस्सा, हिंसा और नफरत नहीं थी, बल्कि यह युवाओं की अभिव्यक्ति थी तथा सत्तारूढ़ दल समेत सभी दलों को इसका सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के मित्र अपने बच्चों से भी इस बारे में पूछेंगे तो आंदोलनकारी बच्चों के साथ उनकी भी सहमति ही पाएंगे.
उनका कहना था कि लोग एक परीक्षा पर जितना पैसा खर्च कर रहे हैं, वह सरकार के शिक्षा बजट से ज्यादा है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि हमारी व्यवस्था दयनीय और क्रूर है तथा गरीबों से लाखों रुपये लिए जा रहे हैं. इस व्यवस्था पर कब्जा कर लिया गया है और भाजपा से संबंधित वैचारिक संगठन ने इस व्यवस्था की आत्मा पर कब्जा कर लिया है.
राजनाथ सिंह के बयान का जिक्र कर किया कटाक्ष
राहुल गांधी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सही कहा था कि यह सरकार संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) की तरह नहीं हैं और उनकी सरकार में मंत्री इस्तीफा नहीं देते. उन्होंने दावा किया कि धर्मेंद्र प्रधान ने कभी मंत्रालय नहीं चलाया तथा असल में मंत्रालय और शिक्षा व्यवस्था को भाजपा से संबंधित एक वैचारिक संगठन चला रहा है.
#WATCH लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "… हमारा सिस्टम बहुत खराब और क्रूर है… हर चीज़ का निजीकरण किया जा रहा है… यह जबरन वसूली का सिस्टम है, यह बहुत बेरहम और बुरा सिस्टम है। इस सिस्टम की आत्मा पर RSS का कब्ज़ा हो गया है… राजनाथ सिंह ने कहा कि हम UPA नहीं… pic.twitter.com/pOIizzlRvr
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 29, 2026
कांग्रेस नेता ने कहा कि छात्रों को ध्यान में रखना चाहिए कि यह वैचारिक संगठन ही उनका असली दुश्मन है और वह चाहता है कि आप ‘अंधभक्त’ बनें. भाषण की शुरुआत में भी राहुल गांधी ने एक शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर सत्तापक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि उन्होंने एक छात्रा का नाम लेकर जिस शब्द का इस्तेमाल किया है, वह असंसदीय शब्द है और उसे कार्यवाही से हटा देना चाहिए.
#WATCH | एक छात्रा के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "उसने कहा कि एक छात्र गर्व से सच को अपनी छाती पर पहनता है। मैंने पूछा, दूसरी तरह के छात्र का क्या? उसने कहा कि दूसरी तरह के छात्र को एक 'इमेज' की ज़रूरत होती है। उसे एक इमेज चाहिए… pic.twitter.com/oRiRKbrbCI
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 29, 2026
इडियट, अंधभक्त शब्द के इस्तेमाल पर विवाद
दरअसल, राहुल गांधी ने एक लड़की से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए काह कि स्टूडेंट वह होता है जिसका मन और दिल खुला हो. नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि उसने मुझे बताया कि लोगों का एक और समूह भी है, जिन्हें लगता है कि वे सब कुछ जानते हैं. उन्हें यकीन है कि ज्ञान उनके अंदर से ही आता है. वे खुद को भगवान मानते हैं. वे किसी की बात नहीं सुनते. वे दूसरों की सच्चाई का आदर नहीं करते हैं. मैंने पूछा कि तुम उन्हें क्या कहती हो, उसने कहा, “मैं उन्हें इडियट्स कहती हूं.”



