इस्लामाबाद। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हालिया घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान ने एक बार फिर क्षेत्रीय शांति स्थापित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से टेलीफोन पर बातचीत कर मौजूदा सुरक्षा हालात और शांति प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की।
दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते पर नए सिरे से दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। हाल के दिनों में होरमुज जलडमरूमध्य के आसपास ड्रोन हमलों और सैन्य गतिविधियों ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। पाकिस्तान ने बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि वह विवादों के समाधान के लिए सैन्य विकल्प के बजाय संवाद और कूटनीतिक प्रयासों को सबसे प्रभावी रास्ता मानता है।
इशाक डार ने कहा कि इस्लामाबाद क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और सभी पक्षों के बीच विश्वास बहाल करने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी पाकिस्तान द्वारा निभाई जा रही मध्यस्थता और शांति प्रयासों की सराहना की। उन्होंने दोनों देशों के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई और कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में संवाद की प्रक्रिया को जारी रखना बेहद आवश्यक है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो इसका प्रभाव केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में पाकिस्तान की कूटनीतिक पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वह अमेरिका और ईरान के बीच विश्वास कायम करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
फिलहाल दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने भविष्य में भी लगातार संपर्क बनाए रखने और क्षेत्रीय शांति के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की स्थिति और शांति प्रक्रिया की दिशा काफी हद तक कूटनीतिक प्रयासों की सफलता पर निर्भर करेगी।



