नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल पहले की तुलना में सस्ता हो चुका है, तब आम लोगों को ईंधन की कीमतों में राहत क्यों नहीं मिल रही।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में खरगे ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें कम होने का लाभ आखिर उपभोक्ताओं तक क्यों नहीं पहुंचाया जा रहा। उनका कहना था कि ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों समेत लगभग हर आवश्यक वस्तु महंगी हो जाती है, जिसका सीधा बोझ आम नागरिकों पर पड़ता है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि वर्ष 2014 में जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई थी, उस समय भारतीय बास्केट का कच्चा तेल मौजूदा स्तर से अधिक महंगा था, लेकिन पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें आज की तुलना में काफी कम थीं। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति यह संकेत देती है कि वैश्विक बाजार में गिरावट का लाभ जनता तक नहीं पहुंच रहा है।
खरगे ने आरोप लगाया कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से महंगाई लगातार बढ़ रही है। उनके अनुसार, परिवहन खर्च बढ़ने का असर कृषि उत्पादों, रोजमर्रा की वस्तुओं और अन्य सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ता है, जिससे आम परिवारों का मासिक बजट प्रभावित होता है। उन्होंने सरकार से ईंधन मूल्य निर्धारण की नीति पर पारदर्शिता बरतने और उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की।
वहीं, हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली है और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह रुझान जारी रहता है तो भविष्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत की संभावना बन सकती है। हालांकि, फिलहाल तेल विपणन कंपनियों ने खुदरा कीमतों में कोई नई कटौती की घोषणा नहीं की है।



