Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है. अमेरिका ने सोमवार को लगातार नौवीं रात ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए, जबकि ईरान की ओर से भी खाड़ी क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई जारी रहने की खबरें हैं. इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि जब तक ईरान संघर्ष में मजबूत बढ़त हासिल नहीं कर लेता, तब तक युद्ध रोकने या बातचीत की दिशा में आगे बढ़ने का सवाल नहीं उठता.
एक इंटरव्यू में अराघची ने कहा कि किसी भी संभावित वार्ता का समय तभी होना चाहिए, जब ईरान को लगे कि हालात उसके पक्ष में हैं. उन्होंने कहा, ‘बातचीत तभी होनी चाहिए, जब ईरान ऐसी स्थिति में हो जहां उसे महसूस हो कि परिस्थितियां उसके पक्ष में हैं. जल्दबाजी में बातचीत करना उचित नहीं होगा.’
‘युद्ध का अंत जीत या समझौते से होता है’
अराघची ने कहा कि किसी भी युद्ध का अंत सामान्यतः 2 तरीकों से होता है-या तो किसी एक पक्ष की सैन्य जीत होती है या फिर दोनों पक्ष बातचीत के जरिए समझौते पर पहुंचते हैं. उनके अनुसार, बातचीत तभी प्रभावी होती है जब संघर्ष में अपनी मजबूत स्थिति में हो. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के लिए नागरिकों की सुरक्षा और देश का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसलिए हर रणनीतिक फैसला पूरी जानकारी और हालात के व्यापक आकलन के बाद ही लिया जाना चाहिए.
‘युद्ध के बाद अधिक मजबूत होकर उभरा ईरान’
ईरानी विदेश मंत्री ने दावा किया कि नुकसान के बावजूद ईरान इस संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले की तुलना में अधिक मजबूत खिलाड़ी बनकर उभरा है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को लगातार यह आकलन करते रहना चाहिए कि युद्ध जारी रखने से लाभ अधिक हो रहा है या नुकसान.
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