प्रज्ञा पांडे। गुजरात में घटी यह खौफनाक वारदात किसी भी इंसान की रूह कंपा देने के लिए काफी है। 33 वर्षीय सोनम ने अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत सपने को सच करने के लिए अपने ही परिवार से बगावत की थी। समाज और अपनों के कड़े विरोध के बावजूद, सोनम को लगा कि उसका प्यार सच्चा है। उसने सुल्तान का हाथ थामा और दोनों ने शादी कर ली। सोनम को लगा था कि उसने अपनी दुनिया बसा ली है। जिस परिवार ने उसे पाला-पोसा, उनके फैसलों को दरकिनार कर उसने अपने पति सुल्तान को ही अपना सब कुछ मान लिया। लेकिन उसे इस बात का ज़रा भी अंदाजा नहीं था कि जिस इंसान के लिए उसने पूरी दुनिया को ठुकरा दिया, वही एक दिन उसकी जिंदगी का काल बन जाएगा।
सपनों का महल बना कत्लगाह
शादी के कुछ समय बाद ही खुशियों की परतें उतरने लगीं। जिन वादों और कसमें के दम पर यह रिश्ता बना था, वे केवल खोखले साबित हुए। रिश्ते में कड़वाहट इतनी बढ़ गई कि प्यार की जगह दरिंदगी ने ले ली। एक दिन जब सोनम का खून में सना हुआ शव बरामद हुआ, तो देखने वालों के होश उड़ गए। जिस चेहरे पर कभी हंसी और अपनों के लिए भरोसा हुआ करता था, वह शव की शक्ल में पड़ा था। सोनम की बेरहमी से की गई हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया। पुलिस की जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने हर किसी को सन्न कर दिया आरोपों की सुई सीधे उसी सुल्तान पर आकर टिकी, जिसके लिए सोनम ने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था।
आखरी कॉल और भाई का सख्त कदम
गुजरात की इस खौफनाक वारदात में सोनम के भाई संतोष की सतर्कता ने ही उसकी हत्या के सच को बेनकाब किया। परिवार से बगावत कर सुल्तान से शादी करने के बाद जब सोनम पर जुल्म हद से बढ़ गए, तो उसने छिपकर अपने भाई को फोन कर रोते हुए लाचारी में चेतावनी दी थी कि ‘तुम लोग यहां मत आना और न मुझे फोन करना, वरना ये लोग मुझे मार देंगे’। बहन की इस आखिरी चेतावनी के बाद जब सोनम का खून से सना शव मिला और ससुराल वाले चुपचाप उसका अंतिम संस्कार करने की फिराक में थे, तब खबर मिलते ही उसका भाई तुरंत हरकत में आया। भाई ने बिना देर किए पुलिस को सूचना देकर जल्दबाज़ी में किए जा रहे अंतिम संस्कार को रुकवाया, जिसके बाद फॉरेंसिक जांच में सोनम के शरीर पर चोटों के निशान पाए गए और पुलिस ने कातिल पति सुल्तान को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस ने इस मामले की सिरे से जांच शुरू कर दी है।
एक ऐसी सीख, जो आंखें खोल देती है
सोनम का यूं चले जाना सिर्फ एक अपराध की कानूनी फाइल नहीं है, बल्कि यह उन तमाम मासूम दिलों के लिए एक दर्दनाक चेतावनी है जो भावनाओं के समंदर में बहकर अपनी आंखें मूंद लेते हैं। सच तो यह है कि प्यार करना या अपना जीवनसाथी खुद चुनना कभी गलत नहीं होता, लेकिन प्यार और ‘अंधे प्यार’ या ‘अंधे भरोसे’ के बीच एक बहुत बारीक लकीर होती है जिसे समझना बेहद जरूरी है। जब किसी रिश्ते में आपसी सम्मान की जगह हिंसा, बेबुनियाद अविश्वास और मानसिक दबाव पांव पसारने लगे, तो वहीं रुक जाना और उस जहरीले रिश्ते से पीछे हट जाना ही समझदारी होती है। अक्सर जब इंसान किसी के प्यार में होता है, तो वह उसके अवगुणों और खतरों को अनदेखा कर देता है। ऐसे में कई बार परिवार का नज़रिया भले ही सख्त या पुराना लगे, लेकिन उनके तजुर्बे उन लाल झंडियों को बहुत पहले भांप लेते हैं जिन्हें प्यार में अंधी आंखें नहीं देख पातीं। अंततः हर किसी को यह कड़वा सच स्वीकार करना होगा कि दुनिया का कोई भी रिश्ता, कोई भी वादा या प्यार आपकी अपनी जान और आपके आत्मसम्मान से बड़ा कभी नहीं हो सकता।



