जयपुर नगर निगम मेयर चुनाव को लेकर शनिवार को विवाद खड़ा हो गया। मेयर पद का नामांकन भरने पहुंचीं AIMIM की एकमात्र प्रत्याशी फिरोजा बानो को फॉर्म जमा करने से रोक दिया गया। फिरोजा बानो ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि समय रहते नगर निगम मुख्यालय पहुंचने के बावजूद उनका नामांकन स्वीकार नहीं किया गया।
फिरोजा बानो वार्ड नंबर 146 से करीब 2 हजार वोटों के अंतर से जीतकर AIMIM की एकमात्र विजयी पार्षद बनी हैं। उनका कहना है कि वह मेयर चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करने के लिए दोपहर करीब ढाई बजे नगर निगम मुख्यालय पहुंची थीं।
फिरोजा बानो के मुताबिक, नामांकन की अंतिम समय सीमा दोपहर 3 बजे थी, लेकिन इससे पहले ही उन्हें फॉर्म भरने और जमा कराने की प्रक्रिया से रोक दिया गया। उनका आरोप है कि फॉर्म तैयार होने के बाद जब उसे जमा कराने पहुंचीं तो अधिकारियों ने समय समाप्त होने की बात कहते हुए नामांकन लेने से इनकार कर दिया।
वहीं, फिरोजा बानो के बेटे और AIMIM प्रदेश उपाध्यक्ष लुकमान मलकान ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी, कांग्रेस और कुछ निर्दलीय पार्षद उनके संपर्क में थे और पिछले कुछ दिनों से उनसे बातचीत चल रही थी। लुकमान मलकान ने कहा कि चुनाव में जीत या हार का फैसला बाद में होता, लेकिन उनकी प्रत्याशी को चुनाव लड़ने का मौका मिलना चाहिए था। उन्होंने नामांकन नहीं लिए जाने के मामले में कोर्ट जाने की बात कही है।
बता दें कि जयपुर नगर निगम चुनाव में AIMIM को सिर्फ वार्ड नंबर 146 में जीत मिली थी, जहां फिरोजा बानो ने कांग्रेस प्रत्याशी अफरोज पप्पू कुरैशी को करीब 2 हजार वोटों के अंतर से हराया था।



