इंदौर में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों से संवाद किया। IDA ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम का फोकस ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ रखा गया। कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर छात्रों से बातचीत की गई। राहुल गांधी का यह ‘छात्रों की गूंज’ का पांचवां कार्यक्रम है।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों से सवाल-जवाब करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सिस्टम नहीं चाहता कि छात्र सवाल पूछें, इसलिए सवाल करने की जगह एक खास तरह की सोच को बढ़ावा दिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों का सिस्टम से भरोसा उठ गया है, हालांकि कुछ जगह उम्मीदवारों की भी गलती होती है। इस पर सामने बैठे छात्रों की ओर से जवाब आया—“सर, हम सिस्टम से हार गए।”
कांग्रेस ने कार्यक्रम के लिए करीब 2 लाख रजिस्ट्रेशन होने का दावा किया था। हालांकि, कार्यक्रम स्थल पर करीब 15 हजार छात्रों के बैठने की व्यवस्था की गई थी और प्रवेश पंजीकरण कराने वाले छात्रों को ही दिया गया।
कार्यक्रम से पहले क्यों गरमाया विवाद
राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम को लेकर आयोजन से पहले ही प्रशासन और कांग्रेस के बीच विवाद सामने आया था। कार्यक्रम पहले नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद इसकी तारीख और जगह में बदलाव किया गया। बाद में रीजनल पार्क के पास IDA ग्राउंड में कार्यक्रम की अनुमति मिली।
कार्यक्रम की अनुमति के साथ इंदौर पुलिस ने 31 सुरक्षा शर्तें भी लगाईं। इन शर्तों में भीड़ नियंत्रण, मंच और प्रवेश व्यवस्था, निगरानी, मेडिकल सहायता और आपातकालीन निकासी जैसी व्यवस्थाएं शामिल थीं। सुरक्षा दस्तावेज में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 1991 में हुई हत्या के बाद वर्मा आयोग की सुरक्षा संबंधी टिप्पणियों का भी संदर्भ दिया गया।
इन शर्तों को लेकर कांग्रेस ने प्रशासन पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आयोजन से जुड़े लोगों और कोचिंग संस्थानों पर दबाव बनाया जा रहा है। वहीं पुलिस का कहना है कि शर्तों का उद्देश्य राहुल गांधी की सुरक्षा और कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है।



