नई दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Nabin) ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “अपरिपक्व राजनीतिज्ञ” करार दिया। एक समाचार पत्र को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि गांधी का व्यवहार और बोलने का तरीका उनके अधूरे राजनीतिक विकास को दर्शाता है। नवीन ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी “अराजकतावादी मानसिकता” के साथ काम करते हैं और कई बार मुद्दों की गंभीरता को समझने में असफल रहते हैं। उनके इस बयान ने एक बार फिर सियासी हलकों में बहस को तेज कर दिया है।
राहुल गांधी एक अपरिपक्व राजनीतिज्ञ : नवीन
नवीन ने कहा, “लोकसभा में विपक्ष के नेता सरकार का हिस्सा हैं। लेकिन संसद के अंदर और बाहर, उनकी गतिविधियों, कामकाज और भाषा पर गौर कीजिए। क्या किसी राष्ट्रीय दल का विपक्ष का नेता इस तरह से बोलता है?” उन्होंने आगे कहा, मेरा मानना है कि राहुल गांधी एक अपरिपक्व राजनीतिज्ञ हैं, जिनका राजनीतिक विकास किसी न किसी रूप में समुचित नहीं हुआ है। मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निशाना बनाकर की गई हालिया ‘आतंकवादी’ टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर नवीन ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष “असहाय” हैं और वे उन्हीं शब्दों का प्रयोग करते हैं जो गांधी की जनसंपर्क एजेंसी उन्हें करने के लिए कहती है।

देश की जनता कांग्रेस को दंडित कर रही है, लेकिन अभी तक सबक नहीं सीखा है : नितिन नवीन
नवीन ने आरोप लगाया, मैं यह कहना चाहूंगा कि राहुल जी के करीबी लोग और उनकी पीआर एजेंसी उन्हें जो भी शब्द सुझाते हैं, बेचारे खरगे जी उन्हें दोहराते रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस अपनी “संकीर्ण मानसिकता” के कारण लंबे समय से प्रधानमंत्री मोदी का अपमान करती रही है, और खरगे अपनी पार्टी द्वारा स्थापित परंपरा के मशालवाहक के रूप में उभरते नजर आ रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, देश की जनता इसके लिए कांग्रेस को दंडित कर रही है, लेकिन उसने अभी तक सबक नहीं सीखा है।
खरगे ने मंगलवार को मोदी पर सरकारी तंत्र और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके विपक्ष को दबाने के माध्यम से राजनीतिक दलों को “आतंकित” करने का आरोप लगाया। चेन्नई में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, खरगे ने पहले मोदी को “आतंकवादी” कहा, फिर उन्होंने कहा कि उनका मतलब था कि प्रधानमंत्री देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को “आतंकित” कर रहे हैं। इस घटना का “गंभीर संज्ञान” लेते हुए, भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार को खरगे को “कठोर नोटिस” जारी कर 24 घंटे के भीतर उनका पक्ष स्पष्ट करने को कहा।



