NIFT Chaupal Bagru : जयपुर। वस्त्र मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत जयपुर के प्रसिद्ध बगरू ब्लॉक प्रिंट और टाई-डाई क्लस्टर में शिल्पकारों एवं बुनकरों के सशक्तिकरण के उद्देश्य से एक विशेष ‘चौपाल’ का आयोजन किया गया। निफ्ट निदेशक प्रो. जीएचएस प्रसाद ने बताया कि इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम कर रहे स्थानीय शिल्पकारों और बुनकरों को वस्त्र मंत्रालय की जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराना तथा उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों की जानकारी प्रदान करना है।
चौपाल में वस्त्र मंत्रालय की योजनाओं और नीतियों पर विस्तृत चर्चा करते हुए निफ्ट के फैशन कम्युनिकेशन विभाग के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉ मनीष शर्मा ने वस्त्र मंत्रालय की कल्याणकारी नीतियों जैसे पहचान पत्र, मुद्रा ऋण योजना, कौशल विकास कार्यक्रम और ‘इंडिया हैंडमेड’ ई-कॉमर्स पोर्टल पर डिजिटल ऑनबोर्डिंग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कारीगरों को बताया गया कि वे इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर किस प्रकार अपने व्यवसाय और शिल्पकला को और अधिक सुदृढ़ बना सकते हैं।
निफ्ट में शिल्पकारों के बच्चों के प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी कार्यक्रम में बगरू के कारीगरों और उनके बच्चों से सीधा संवाद किया गया। इस दौरान डॉ मनीष शर्मा ने वस्त्र मंत्रालय और निफ्ट द्वारा कारीगरों के बच्चों के लिए आरक्षित विशेष प्रवेश प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस श्रेणी के तहत कारीगरों के बच्चे सामान्य प्रवेश परीक्षा के कठिन दौर के बिना विशिष्ट कौशल परीक्षा और साक्षात्कार के माध्यम से निफ्ट के प्रतिष्ठित डिजाइन पाठ्यक्रमों में सीधे प्रवेश पा सकते हैं।
इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक शिल्प ज्ञान को आधुनिक फैशन शिक्षा के साथ जोड़कर नई पीढ़ी को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना है।इस ‘चौपाल’ में बगरू ब्लॉक प्रिंटिंग और टाई डाई से जुड़े सैकड़ों स्थानीय शिल्पकारों, महिला कारीगरों और उनके परिवारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान शिल्पकारों ने अधिकारियों और निफ्ट फैकल्टी के सामने अपनी शंकाएं रखीं, जिनका मौके पर ही सरल भाषा में समाधान किया गया।स्थानीय शिल्पकारों ने वस्त्र मंत्रालय और निफ्ट की इस संयुक्त पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी चौपालों से न केवल उनके काम को नई दिशा मिलेगी, बल्कि उनके बच्चों के लिए देश के शीर्ष फैशन संस्थान में पढ़ने का सपना भी साकार हो सकेगा।



