झुंझुनूं। राजस्थान के झुंझुनूं जिले में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। लेह-लद्दाख में तैनात भारतीय सेना के एक हवलदार, जो कुछ दिन पहले ही छुट्टियां बिताने अपने घर आए थे, सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवा बैठे। इस हादसे में उनके साथ मौजूद एक अन्य युवक की भी मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हैं और जयपुर के एसएमएस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। दुर्घटना के बाद मृतकों के परिजनों ने वाहन निर्माता कंपनी की सुरक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका दावा है कि एसयूवी में छह एयरबैग होने के बावजूद एक भी एयरबैग नहीं खुला।
देर रात हुआ दर्दनाक हादसा
जानकारी के अनुसार, मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात झुंझुनूं-चिड़ावा मार्ग पर बगड़ कस्बे के पास यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार एसयूवी के सामने अचानक एक आवारा पशु आ गया। चालक ने वाहन को बचाने की कोशिश की, लेकिन नियंत्रण बिगड़ गया। इसके बाद गाड़ी सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गई और कई बार पलटती हुई दूर जाकर रुकी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। छत बुरी तरह दब गई और कार में बैठे लोग अंदर ही फंस गए। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
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जेसीबी और क्रेन की मदद से निकाले गए लोग
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचा। वाहन की हालत इतनी खराब थी कि सामान्य तरीके से लोगों को बाहर निकालना संभव नहीं था। जेसीबी और क्रेन की सहायता से गाड़ी के दरवाजे और अन्य हिस्सों को काटकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया। आगे की सीट पर बैठे दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि पीछे बैठे दो युवकों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया।
छुट्टियों पर घर आए थे सेना के हवलदार
हादसे में जान गंवाने वाले राकेश कुमार दूत (36) झुंझुनूं जिले के कोलसिया गांव के निवासी थे। वर्ष 2011 से भारतीय सेना में सेवा दे रहे राकेश वर्तमान में लेह-लद्दाख में एजुकेशन हवलदार के पद पर तैनात थे। वे 23 जुलाई को अवकाश लेकर अपने घर आए थे और 14 अगस्त तक परिवार के साथ समय बिताने वाले थे।
राकेश अपने पीछे पत्नी और पांच वर्षीय बेटे को छोड़ गए हैं। उनकी असमय मौत से पूरे गांव और सेना से जुड़े लोगों में शोक का माहौल है।
पुलिस कांस्टेबल के बेटे की भी गई जान
इस हादसे में दूसरा मृतक नितिन (22) था, जो झुंझुनूं की पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का निवासी था। उसकी मां राजस्थान पुलिस की कालिका यूनिट में महिला कांस्टेबल के पद पर कार्यरत हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
दो युवकों का जयपुर में इलाज जारी
हादसे में घायल अजय कुमार और साक्षक सिहाग को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया। दोनों का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है।
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एयरबैग नहीं खुलने पर उठे सवाल
दुर्घटना के बाद मृतकों के परिजनों ने वाहन निर्माता कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वाहन में छह एयरबैग उपलब्ध थे, लेकिन दुर्घटना के दौरान एक भी एयरबैग नहीं खुला। परिजनों का मानना है कि यदि सुरक्षा प्रणाली समय पर सक्रिय होती तो शायद दोनों युवकों की जान बचाई जा सकती थी।
हालांकि, इस संबंध में अभी तक वाहन निर्माता कंपनी या जांच एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों और वाहन की सुरक्षा प्रणाली की तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिर मातम में डूबा सैनिकों का जिला
झुंझुनूं को देशभर में सैनिकों की धरती के रूप में जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में युवा सेना और अर्द्धसैनिक बलों में सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ महीनों में छुट्टियों पर घर आए कई जवान सड़क हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं। राकेश कुमार की मौत ने एक बार फिर पूरे जिले को गहरे शोक में डुबो दिया है और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



