Wednesday, October 7, 2026
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गहलोत-पायलट की जुगलबंदी से गरमाई राजस्थान कांग्रेस, गहलोत का पायलट को जवाब- हम परमानेंट इंचार्ज…

कांग्रेस वॉर रूम की बैठक से पहले अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच हुई हल्की-फुल्की बातचीत चर्चा में है। पायलट ने गहलोत से कहा कि सबके इंचार्ज तो आप ही हैं, जिस पर गहलोत ने जवाब दिया- हम तो परमानेंट इंचार्ज हैं। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी को राजस्थान कांग्रेस की सियासत के लिहाज से देखा जा रहा है।

जयपुर। राजस्थान कांग्रेस की सियासत में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच की एक हल्की-फुल्की बातचीत चर्चा में है। कांग्रेस वॉर रूम में बैठक से पहले दोनों नेताओं के बीच मजाकिया अंदाज में बातचीत हुई। इस दौरान अशोक गहलोत ने प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा और सचिन पायलट से कहा कि पहले पंजाब के इंचार्ज रंधावा थे और अब पंजाब की जिम्मेदारी पायलट के पास है। इस पर सचिन पायलट ने मुस्कुराते हुए कहा- “सबके इंचार्ज आप ही हो। राजस्थान, पंजाब… क्या फर्क पड़ता है?” इसके जवाब में गहलोत ने भी हंसते हुए कहा- “हम तो परमानेंट इंचार्ज हैं।” मौजूद नेताओं के बीच इस बातचीत पर ठहाके भी लगे।

पायलट को मिली है पंजाब की जिम्मेदारी

कांग्रेस ने सितंबर 2026 में सचिन पायलट को AICC महासचिव और पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया था। इससे पहले पंजाब की जिम्मेदारी भूपेश बघेल के पास थी।  पायलट की नियुक्ति पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक खींचतान के बीच हुई थी। आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें वहां पार्टी संगठन की जिम्मेदारी दी गई है। 

गहलोत बोले- आज आपने देख ली कांग्रेस की एकता

बैठक के बाद अशोक गहलोत ने मीडिया से बातचीत में कांग्रेस की एकता को लेकर कहा कि लोग लगातार पार्टी में एकता नहीं होने की बात पूछते हैं, लेकिन आज सभी नेताओं को एक साथ देखा गया है। गहलोत ने यह भी कहा कि कांग्रेस अगली बार सरकार बनाएगी…हालांकि यह उनका राजनीतिक दावा है, भविष्यवाणी के रूप में इसे स्वतंत्र तथ्य नहीं माना जा सकता।

गहलोत की डिनर डिप्लोमेसी भी चर्चा में

इससे पहले गहलोत ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में कांग्रेस नेताओं के साथ डिनर किया था। इसमें प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। डिनर के दौरान नेताओं के बीच राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर अनौपचारिक बातचीत हुई।

पहले तल्खी, अब दिख रही गर्मजोशी

गहलोत और पायलट के बीच लंबे समय तक राजनीतिक मतभेद सार्वजनिक चर्चा का विषय रहे हैं। जून 2026 में भी गहलोत ने 2020 और 2022 के घटनाक्रम को लेकर पायलट से जुड़े सवाल उठाए थे। हाल के दिनों में दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक तौर पर अपेक्षाकृत नरम और गर्मजोशी भरे संवाद दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, किसी अनौपचारिक बातचीत के आधार पर पार्टी के अंदरूनी समीकरणों पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। फिलहाल गहलोत-पायलट की यह बातचीत राजस्थान कांग्रेस की राजनीति में चर्चा का नया विषय जरूर बन गई है।

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