NEET Supreme Court Hearing: नीट यूजी पेपर लीक मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है. शीर्ष अदालत ने कहा है कि ‘दुखद है कि NTA ने पेपर लीक के पिछले मामलों से कोई सबक नहीं लिया हैं.’ कोर्ट ने यह टिप्पणी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की है. शीर्ष अदालत ने मामले में केंद्र सरकार, NTA और CBI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
याचिका में की गई थी ये मांग
यह याचिका फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट की ओर से दाखिल की गई है. याचिका में मांग की है कि NTA को भंग कर NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए एक स्वतंत्र और स्वायत्त परीक्षा निकाय बनाया जाए. साथ ही परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित करने की मांग भी उठाई गई है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक और अनियमितताओं की घटनाओं ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर कर दिया है.
‘छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’
सुनवाई के दौरान अदालत का रुख बेहद सख्त दिखाई दिया. शीर्ष अदालत ने साफ कहा कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य और चयन प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने परीक्षा सुधारों के लिए गठित के राधाकृष्णन कमेटी से अब तक की पूरी स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है. अदालत यह जानना चाहती है कि पिछले 2 वर्षों में परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए जमीन पर क्या सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं.
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बाद NEET परीक्षा प्रणाली और NTA की कार्यप्रणाली को लेकर बहस तेज हो गई है. जानकारों का मानना है कि इस मामले में अदालत का रुख भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के संचालन में बड़े बदलाव का कारण बन सकता है.
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