Rajasthan Pulse Polio Campaign : जयपुर। राजस्थान ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 1.04 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 1.03 करोड़ बच्चों को पोलियोरोधी खुराक पिलाई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अभियान का शुभारंभ किया था। स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने इसे स्वस्थ राजस्थान की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। इस अभियान के लिए 59 हजार 217 बूथ स्थापित किये गये थे, 75 हजार 232 टीमें बनाई गई थी, जिनमें 7 हजार 11 ट्रांजिट व 9 हजार 4 मोबाइल टीमें भी शामिल थी। अभियान के दौरान 1.38 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्मिक एवं अन्य कार्मिकों ने सक्रिय रूप से योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि पोलियो की दवा 5 वर्ष तक के बच्चों को पिलाना आवश्यक है, तभी स्वस्थ राजस्थान का संकल्प साकार होगा। गत 15 वर्षों में भारत में कोई भी पोलियो का नया केस नहीं पाया गया है। समय-समय पर चलने वाले इस अभियान में अभिभावक अपने बच्चों को पोलियो की दवा जरूर पिलाएं। उन्होंने अभियान में भाग लेने वाले सभी कार्मिकों को धन्यवाद दिया।
प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि अभियान के पहले दिन पहले दिन 28 जून को प्रदेश में 59 हजार 217 बूथों पर 57.73 लाख से अधिक बच्चों को, 7 हजार 11 ट्रांजिट टीमों द्वारा 1.63 लाख से अधिक बच्चों तथा दूर-दराज के क्षेत्रों में मोबाइल टीमों द्वारा 3.59 लाख से अधिक घरों की विजिट कर 3.30 से अधिक बच्चों को पोलियोरोधी खुराक पिलाई गई। अगले तीन दिन मोबाइल टीमों द्वारा 1.21 करोड़ से अधिक घरों की विजिट कर 35.37 लाख से अधिक बच्चों को तथा ट्रांजिट टीमों द्वारा 1.75 लाख से अधिक बच्चों को दवा पिलाई गई। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान के दौरान प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी, एएनएम, आशा सहयोगिनी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की तैनाती की गई थी ताकि दवा पीने से कोई भी बच्चा वंचित नहीं रहे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने बताया कि पूरे अभियान में 59 हजार 217 बूथों पर 57.83 लाख से अधिक बच्चों को, मोबाइल टीमों द्वारा 1.24 से अधिक घरों की विजिट कर 38.67 लाख से अधिक बच्चों को तथा ट्रांजिट टीमों द्वारा 3.39 लाख से अधिक बच्चों को दवा पिलाई गई। इस प्रकार कुल 1.03 करोड़ से अधिक बच्चों को अभी तक पोलियो की दवा पिलाकर लक्ष्य के विरूद्ध 99.70 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की है। उन्होंने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए चिकित्सा विभाग, आईसीडीएस, आयुर्वेद विभाग, सामाजिक कार्यकर्ता एवं अन्य विभागों से सहयोग लिया गया।



