Rajasthan ACB Raid : जयपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों से 2.63 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद की। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह रकम भिवाड़ी-कोटपूतली औद्योगिक क्षेत्र में खाद एवं कीटनाशक निर्माण इकाइयों का निरीक्षण करने के दौरान कथित अवैध वसूली से जुटाई गई हो सकती है। फिलहाल एसीबी मामले की गहन जांच कर रही है।
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि ब्यूरो को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि जयपुर से गई कृषि विभाग की एक टीम निरीक्षण के नाम पर औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे अवैध रूप से धन वसूल रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए उप महानिरीक्षक पुलिस (प्रथम) डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में विशेष अनुसंधान इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
एसीबी की टीम ने शाहपुरा पुलिया स्थित दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर निगरानी रखी और संदिग्ध टाटा सफारी वाहन (आरजे-14 यूसी-0848) को रोककर उसमें सवार अधिकारियों एवं चालक की विधिवत तलाशी ली। तलाशी के दौरान कृषि अधिकारी महेश कुमार मीणा के बैग से 1,48,500 रुपये तथा कृषि अधिकारी चन्दा राम गुर्जर के बैग से 1,15,000 रुपये की संदिग्ध नकद राशि बरामद हुई। वाहन में कृषि अधिकारी भगवान सहाय यादव और चालक रमेश चन्द्र मीणा भी मौजूद थे, जिनकी भी नियमानुसार तलाशी ली गई। कुल मिलाकर 2,63,500 रुपये की संदिग्ध नकदी जब्त की गई।

एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नकदी का वास्तविक स्रोत क्या है और क्या यह धन औद्योगिक इकाइयों से कथित अवैध वसूली के जरिए एकत्र किया गया था। साथ ही, इस पूरे मामले में शामिल अधिकारियों की भूमिका, धन के लेन-देन और अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों से पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमला के निर्देशन में मामले की विस्तृत जांच और वैधानिक कार्रवाई जारी है। ब्यूरो ने आमजन से भी भ्रष्टाचार के खिलाफ सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि कोई भी व्यक्ति टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 पर शिकायत दर्ज करा सकता है। ब्यूरो ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ताओं की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और उनके वैध कार्यों में पूरी सहायता की जाएगी।



