Friday, July 3, 2026
HomeLatest Newsराष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 बनेगी विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव, राईसेम में...

राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 बनेगी विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव, राईसेम में प्रशिक्षु अधिकारियों को बताया रोडमैप

सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे होने पर जयपुर में सहकार सप्ताह के तहत संवाद और विशेष आमसभा आयोजित हुई। राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025, पैक्स डिजिटलीकरण, किसानों की वैश्विक बाजार तक पहुंच, महिला-युवा उद्यमिता और सहकारी संस्थाओं के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया। साथ ही आगामी पांच वर्षीय कार्ययोजना को भी मंजूरी मिली।

National Cooperative Policy 2025 : जयपुर। सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित सहकार सप्ताह के तहत जयपुर के झालाना संस्थानिक क्षेत्र स्थित राईसेम संस्थान में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें श्रम एवं रोजगार, उद्योग, जेल तथा सहकारिता विभाग के राजस्थान राज्य सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में दैनिक जीवन, प्रशासनिक कार्यों और सुशासन में सहकारिता की उपयोगिता के साथ राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 की अहम भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 तथा सहकारिता आंदोलन की अमृतकाल में पुनर्कल्पना विषय पर पंकज भानु सिंह गोगावत, पूर्व विशेषाधिकारी, सहकारिता मंत्री, राजस्थान ने व्याखान देते हुये बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 में जारी की गई राष्ट्रीय सहकारिता नीति का मुख्य उद्देश्य सहकारिता के क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीक का प्रयोग, पेपरलेस कार्य निष्पादन, डोर स्टेप डिलीवरी को सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये सहकारी किसानों को घरेलू बाजार की सीमाओं से बाहर निकाल कर उनकी वैश्विक बाजार तक पहुंच सुनिश्चित की गई है। इसके लिये राष्ट्रीय स्तर की तीन सहकारी संस्थाओं यथा-नेशनल को- ऑपरेटिव ऑगेर्निक्स लि., नेशनल को-ऑपरेटिव एक्सपोर्ट लि. एवं भारत बीज सहकारी समिति लि. का गठन किया है। गोगावत ने बताया कि नई सहकारिता नीति में विशेषतः महिलाओं एवं युवाओं को केन्द्रित कर उनके द्वारा चलाये जा रहे स्टार्टअप्प के माध्यम से नये रोजगारों का सृजन, त्वरित सेवाओं की डिलीवरी तथा समावेशी विकास को सुनिश्चित किया जा रहा है।

निदेशक राईसेम संजय पाठक ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय का पैक्स डिजिटलीकरण अभियान भारत के सहकारिता आंदोलन को आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक, पारदर्शिता और सुशासन के माध्यम से किसानों को ग्रामीण स्तर पर बेहतर सुविधायें, मजबूत संस्थागत व्यवस्था और अधिक अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

इस अवसर पर एसएलडीबी की महा प्रबंधक उषा कपूर सतसंगी, चुनाव प्राधिकारी इन्द्रराज मीणा, संयुक्त मुख्य अंकेक्षक शिव दयाल मीणा, संयुक्त रजिस्ट्रार मार्केटिंग सोनल माथुर, अतिरिक्त निदेषक राईसेम कृति शर्मा, सहायक रजिस्ट्रार मार्केटिंग सतीश सिंघल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

एस.एल.डी.बी. जयपुर में विशेष आमसभा आयोजित कर ‘सहकार संवाद दिवस’ मनाया

सहकारिता मंत्रालय द्वारा संदीप खण्डेलवाल, प्रशासक की अध्यक्षता में आयोजित विशेष आम सभा में निर्धारित एजेण्डावार जितेन्द्र प्रसाद, प्रबंध निदेशक, राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक लि., जयपुर द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश की दीर्घकालीन सहकारी साख संरचना की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए ऑडिट रिपोर्ट सदस्यों को पढ़कर सुनाई गई तथा आगामी पांच वर्षीय कार्ययोजना के सम्बन्ध में विभिन्न बिंदुओं यथा- ऋण वितरण एवं व्यवसाय में वृद्धि, ऋण वसूली में वृद्धि व एनपीए में कमी लाये जाने, भूमि विकास बैंकों का पूर्ण कम्प्यूटरीकरण व ऑनलाईन कार्य, ऋण लागतों में कमी लाना, मानव संसाधन विकास आदि पर चर्चा उपरान्त अनुमोदित की जाकर दीर्घकालीन साख संरचना के पुनरूद्धार एवं सहकारिता आन्दोलन को और अधिक गति देने का संकल्प पारित किया गया।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

Mukesh Kumar
Mukesh Kumarhttps://jagoindiajago.news/
समाचार लेखन की दुनिया में एक ऐसा नाम जो सटीकता, निष्पक्षता और रचनात्मकता का सुंदर संयोजन प्रस्तुत करता है। हर विषय को गहराई से समझकर उसे आसान और प्रभावशाली अंदाज़ में पाठकों तक पहुँचाना मेरी खासियत है। चाहे वो ब्रेकिंग न्यूज़ हो, सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण या मानवीय कहानियाँ – मेरा उद्देश्य हर खबर को इस तरह पेश करना है कि वह सिर्फ जानकारी न बने बल्कि सोच को भी झकझोर दे। पत्रकारिता के प्रति यह जुनून ही मेरी लेखनी की ताकत है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image