Ashok Kharat Arrest News : नासिक। नासिक की एक अदालत ने स्वयंभू धर्मगुरु अशोक खरात को यौन उत्पीड़न के एक और मामले में बुधवार को सुनवाई के बाद 12 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह उसके खिलाफ दर्ज सातवां मामला है, जिससे उसकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। खरात पर कई महिलाओं का यौन शोषण करने के साथ-साथ दैवीय शक्तियों और काले जादू का दावा कर बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
ताजा प्राथमिकी में एक विवाहित महिला ने आरोप लगाया है कि वह पारिवारिक समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर खरात के पास पहुंची थी, लेकिन उसने विश्वास का फायदा उठाते हुए उसका यौन उत्पीड़न किया। इस मामले ने एक बार फिर कथित ‘धर्मगुरुओं’ के नाम पर हो रहे शोषण और धोखाधड़ी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

12 मई तक न्यायिक हिरासत भेजे गए अशोक खरात
प्राथमिकी के मुताबिक खरात ने कथित तौर पर महिला को कुछ पीने के लिए दिया और उसके पति को कार्यालय के बाहर बैठने को कहा और उस दौरान महिला का यौन उत्पीड़न किया। साथ ही महिला को धमकी दी कि अगर उसने किसी को इसके बारे में बताया तो वह उसे जान से मार देगा। अदालत ने सोमवार को खरात को इस मामले में बुधवार तक के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) की हिरासत में भेज दिया था। पुलिस हिरासत की अवधि पूरी होने पर उसे बुधवार को अदालत के समक्ष पेश किया गया।
सुरक्षा कारणों से अदालत में खरात को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये पेश किया गया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने खरात को न्यायिक हिरासत में भेजने का अनुरोध किया। बाद में अदालत ने पुलिस के अनुरोध को स्वीकार करते हुए उसे 12 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
खरात प्रभावशाली लोगों के संपर्क में होने की वजह से राजनीतिक विवाद के केंद्र में रहा है। 18 मार्च को उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही नेताओं और समाज के अन्य महत्वपूर्ण सदस्यों के साथ उसकी तस्वीरें सामने आ रही हैं। गिरफ्तारी के बाद एक महिला ने उस पर तीन साल तक बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया था। विशेष जांच टीम (एसआईटी) नासिक और अहिल्यानगर जिलों में उसके खिलाफ दर्ज यौन शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी के 12 मामलों की जांच कर रही है।



