नई दिल्ली: अभिनेता नसीरुद्दीन शाह एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आलोचना को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा भी उठाया।
छात्रों को नोटिस देने और हॉस्टल खाली कराने का आरोप
नसीरुद्दीन शाह ने वीडियो में दावा किया कि SRFTI के छात्र प्रशासन से जवाब मांग रहे थे, लेकिन उन्हें कारण बताओ नोटिस दिए गए और धमकियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है।अभिनेता ने बीजेपी पर असहमति की आवाजों को दबाने और अपने पक्ष में प्रचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। हालांकि, उनके इन राजनीतिक आरोपों पर बीजेपी की प्रतिक्रिया की पुष्टि होना बाकी है।
क्या है SRFTI विवाद?
कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में छात्रों का विरोध प्रदर्शन 27 सितंबर को एक कार्यक्रम के दौरान हुई कथित झड़प के बाद शुरू हुआ था। छात्र कैंपस की सुरक्षा बढ़ाने, कथित हिंसा के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और अपने खिलाफ जारी नोटिस वापस लेने की मांग कर रहे हैं। वे संस्थान के निदेशक संतोष अजमेरा के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, संस्थान ने 16 अक्टूबर को नोटिस जारी कर 13 नवंबर तक पढ़ाई रोकने और छात्रों को 24 घंटे के भीतर हॉस्टल खाली करने का निर्देश दिया था। कुछ छात्रों ने इस आदेश का विरोध किया।दूसरी ओर, संस्थान प्रशासन का आरोप है कि कुछ छात्र अपना कोर्स पूरा होने के बाद भी हॉस्टल में रह रहे थे और जूनियर छात्रों को कक्षाओं में जाने से रोक रहे थे। प्रशासन ने 15 अक्टूबर को छह छात्रों को निलंबित भी किया था। इन पर शिक्षकों और सुरक्षा कर्मचारियों के साथ मारपीट तथा अनुशासनहीनता के आरोप लगाए गए हैं।
पहले भी छात्र आंदोलनों का समर्थन कर चुके हैं शाह
नसीरुद्दीन शाह इससे पहले भी छात्र आंदोलनों और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आवाज उठा चुके हैं। जुलाई में उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक छात्र प्रदर्शन के समर्थन में वीडियो संदेश जारी किया था।उस दौरान उन्होंने छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर नाराजगी जताई और युवाओं से हिम्मत न हारने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें देश की युवा पीढ़ी से हमेशा उम्मीद रही है और छात्रों को अपनी लड़ाई जारी रखनी चाहिए।
राजनीतिक बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं अभिनेता
नसीरुद्दीन शाह लंबे समय से केंद्र सरकार और बीजेपी की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। उनके ताजा बयान ने SRFTI के छात्रों के आंदोलन को एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।फिलहाल इस मामले में छात्रों की मांगों, संस्थान प्रशासन के आरोपों और अभिनेता द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों को अलग-अलग समझना जरूरी है। विवाद से जुड़े सभी पक्षों के आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।



