मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में दिल्ली में हुए कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया। इनमें मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, विधायक फूलसिंह बरैया, देवेंद्र पटेल, उमरिया जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय कौल, गुरमीत सिंह मंगू, कुंवर पटेल और राजेश पटेल सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हैं.

प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया था
दरअसल, कांग्रेस पार्टी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के विरोध में दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय से राष्ट्रपति भवन तक विरोध मार्च का आयोजन किया था. प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया और उन्हें नरेला पुलिस थाने ले जाया गया था. जहां आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं. इसके बाद सभी को रिहा कर दिया गया.

लोकतांत्रिक तरीके से किया विरोध
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राज्यसभा चुनाव में उनकी उम्मीदवार के नामांकन को अनुचित तरीके से खारिज किया गया है. इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया था. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग उठाई.
संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए लड़ाई जारी रहेगी
कांग्रेस का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त किए जाने का मामला केवल एक उम्मीदवार का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़ा विषय है. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए था और आगे भी पार्टी इस मुद्दे को उठाती रहेगी.
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