Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन की कार्यवाही विपक्ष के भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई. NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP के प्रदर्शन और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों ने दोनों सदनों में जोरदार नारेबाजी की. लगातार व्यवधान के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई.
राज्यसभा में 5 बार स्थगित हुई कार्यवाही
राज्यसभा की कार्यवाही की शुरुआत आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखने, नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण और दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद हुई. इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने छात्रों के प्रदर्शन और उन पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की. लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही को पहले11.30 बजे तक, फिर 12 बजे, 12:50 बजे, 2 बजे और 2.30 बजे तक स्थगित किया गया. जब दोपहर ढाई बजे सदन दोबारा शुरू हुआ, तब भी हंगामा जारी रहा.
उपसभापति हरिवंश ने सदस्यों से कहा, ‘सुबह से अब तक कोई कामकाज नहीं हो पाया है. सदन की गरिमा बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है. यह उच्च सदन है और इस तरह का व्यवधान उचित नहीं है.’ हालांकि, हंगामा नहीं थमने पर बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई.
लोकसभा में लगातार बना रहा व्यवधान
लोकसभा में भी दिनभर गतिरोध बना रहा. कार्यवाही की शुरुआत में पूर्व सांसदों और कतर के पूर्व अमीर के निधन पर शोक व्यक्त किया गया. जिसके बाद विपक्षी सदस्य आसन के समीप पहुंचकर नारेबाजी करने लगे. विपक्ष ने NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा. लगातार हंगामे के कारण प्रश्नकाल, शून्यकाल और अन्य विधायी कार्य नहीं हो सके.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष से कहा, ‘सदन की परंपरा और प्रतिष्ठा बनाए रखें. नारेबाजी से संसद की मर्यादा नहीं बनती, तर्कों के साथ चर्चा करें.’ लगातार 6 बार स्थगन के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं होने पर लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई. गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक प्रस्तावित है, जिसमें सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है.



