Monday, April 27, 2026
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मां बनने के लिए शादी जरूरी नहीं, बोली नित्या मेनन

मुंबई। अभिनेत्री नित्या मेनन अपने हालिया बयान को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसमें उन्होंने शादी, मातृत्व और व्यक्तिगत पसंद जैसे संवेदनशील विषयों पर खुलकर अपनी राय रखी। उनके इस विचार ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है, जहां लोग इसे प्रगतिशील सोच और पारंपरिक मान्यताओं के बीच टकराव के रूप में देख रहे हैं।

दरअसल, यह बहस उस समय तेज हुई जब कन्नड़ अभिनेत्री भावना ने बिना विवाह के मां बनने की इच्छा जाहिर की। इस पर समाज के अलग-अलग वर्गों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इसी मुद्दे पर नित्या मेनन ने भावना का समर्थन करते हुए कहा कि मातृत्व को शादी से जोड़कर देखना जरूरी नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि किसी महिला को यह तय करने का पूरा अधिकार है कि वह अपनी जिंदगी और अपने फैसलों को किस तरह जीना चाहती है।

एक इंटरव्यू में नित्या ने कहा कि आधुनिक दौर में विज्ञान और कानून ने कई ऐसे विकल्प उपलब्ध कराए हैं, जिनके जरिए बिना विवाह के भी मां बनना संभव है। उनके अनुसार, यदि किसी महिला की प्राथमिकता केवल मां बनना है, तो उसे शादी के सामाजिक बंधन में बंधने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि समाज को महिलाओं की स्वतंत्रता और उनके व्यक्तिगत निर्णयों का सम्मान करना चाहिए।

हालांकि, नित्या मेनन ने अपनी निजी पसंद के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वह वैवाहिक जीवन को लेकर सकारात्मक हैं, लेकिन बच्चों के बिना जीवन जीना उनकी प्राथमिकता है। उनका यह बयान उन पारंपरिक धारणाओं को चुनौती देता है, जिनमें विवाह को केवल परिवार बढ़ाने के नजरिए से देखा जाता है।

38 वर्ष की उम्र में भी अविवाहित नित्या ने यह भी साझा किया कि उन पर कई बार शादी के लिए दबाव डाला गया, लेकिन उन्होंने हमेशा सही साथी मिलने का इंतजार करने को प्राथमिकता दी। उनका कहना है कि वह जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहतीं और अपने जीवन के फैसले सोच-समझकर लेना पसंद करती हैं।

काम के मोर्चे पर भी नित्या मेनन लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में वह कई फिल्मों में नजर आई हैं और उन्होंने अपना खुद का प्रोडक्शन हाउस भी शुरू किया है। उनके इस नए कदम से यह स्पष्ट है कि वह अभिनय के साथ-साथ फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी पहचान मजबूत करना चाहती हैं।

फिलहाल, उनके इस बयान ने समाज में महिलाओं की स्वतंत्रता, विवाह और मातृत्व को लेकर नई बहस छेड़ दी है, जो आने वाले समय में और गहरी हो सकती है।

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