Marco Rubio India Visit: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपनी 4 दिवसीय भारत यात्रा के तहत शनिवार सुबह कोलकाता पहुंचे. यह करीब 14 साल बाद किसी अमेरिकी विदेश मंत्री का कोलकाता दौरा है. इससे पहले मई 2012 में तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कोलकाता का दौरा किया था. रुबियो की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम बंगाल में बीजेपी के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के रूप में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है.
#WATCH पश्चिम बंगाल: US सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट मार्को रुबियो आज सुबह कोलकाता पहुंचे।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 23, 2026
(वीडियो: US नेटवर्क पूल वाया रॉयटर्स) pic.twitter.com/bo9RSIZr08
भारत में अमेरिकी राजदूत ने कही ये बात
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘विदेश मंत्री मार्को रुबियो कोलकाता पहुंच चुके हैं. यह उनकी भारत की पहली यात्रा है. आज बाद में हम नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेंगे. आने वाले दिनों में व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, क्वाड और कई अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी तथा सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा.’

अमेरिकी विदेश मंत्री का दौरा क्यों है अहम ?
अमेरिकी राजदूत ने एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘अपने मित्र मार्को रुबियो का भारत में स्वागत करते हुए मुझे बेहद प्रसन्नता हो रही है. आने वाले दिनों के लिए हमारा एजेंडा काफी अहम और व्यापक है, जिसमें क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक भी शामिल है. इसका उद्देश्य अमेरिकी राष्ट्रपति के उस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना है, जिसके तहत भारत-अमेरिका साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाया जाना है. मुझे सार्थक बातचीत और ठोस प्रगति की उम्मीद है.’
रुबिया की भारत यात्रा का शेड्यूल
रुबियो 23 से 26 मई तक भारत यात्रा पर रहेंगे. इस दौरान उनका आगरा, जयपुर और नई दिल्ली जाने का भी कार्यक्रम है. इस दौरे को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें भारत के साथ ऊर्जा सहयोग पर चर्चा और क्वाड (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक प्रस्तावित है.
#WATCH पश्चिम बंगाल: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो कोलकाता में मिशनरीज ऑफ चैरिटी के मदर टेरेसा हाउस से रवाना हुए। pic.twitter.com/Rx9U0pAuzQ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 23, 2026
क्वाड बैठक में भी होंगे शामिल
भारत रवाना होने से पहले रुबियो ने मियामी में पत्रकारों से कहा, ‘हम चाहते हैं कि भारत जितनी अधिक ऊर्जा खरीद सके, उतनी हम उसे बेचें. अमेरिकी उत्पादन और निर्यात इस समय ऐतिहासिक स्तर पर है.’ होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारत पर पड़ने वाले संभावित ऊर्जा संकट से जुड़े सवाल पर रुबियो ने भारत को ‘भरोसेमंद और महत्वपूर्ण साझेदार’ बताया और क्वाड देशों के मंत्रियों से मुलाकात को लेकर उत्साह जताया.’ विदेश मंत्री एस. जयशंकर 26 मई को क्वाड बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इस बैठक में रुबियो के अलावा ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शामिल होंगे.
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