Shiv Sena UBT Rift: शिवसेना(उबाठा) में संभावित बगावत की अटकलों के बीच पार्टी नेतृत्व ने अपने सांसदों को नई दिल्ली में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए ‘व्हिप’ जारी किया है. सूत्रों के अनुसार, यह बैठक पार्टी के भीतर उभर रही राजनीतिक परिस्थितियों और संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई है. सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि बैठक में अनुपस्थित रहने वाले सांसदों के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इसी वजह से इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
सांसदों के शिंदे गुट में जाने की अटकलें
शिवसेना (उबाठा) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 से 7 सांसद के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ शिवसेना में शामिल होने अटकलें तेज हैं. बताया गया कि ये सांसद फिलहाल नई दिल्ली में मौजूद हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. हालांकि, पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
2022 जैसी स्थिति से बचने की कोशिश
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी नेतृत्व 2022 जैसी स्थिति दोबारा नहीं होने देना चाहता. उस समय एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ बगावत कर दी थी, जिसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला था.
उस दौरान भी पार्टी ने विधायकों को बैठक में शामिल होने के लिए व्हिप जारी किया था और बागी विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही शुरू की गई थी.
उद्धव ठाकरे के लिए बड़ी चुनौती
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के सामने यह एक नई राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है. यदि सांसदों का बड़ा समूह पार्टी छोड़ता है तो लोकसभा में पार्टी की ताकत और राजनीतिक प्रभाव दोनों पर असर पड़ सकता है. अब सभी की नजरें दिल्ली में होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जहां यह स्पष्ट हो सकता है कि पार्टी के सांसद नेतृत्व के साथ खड़े रहते हैं या फिर महाराष्ट्र की राजनीति में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिलता है.
राउत का दावा- सांसदों को 50-50 करोड़ ऑफर हुए
शिवसेना(UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत का दावा है कि सांसदों को खरीदने के लिए 50-50 करोड़ ऑफर हुए हैं. राउत ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा के एक पोस्ट के जवाब में X पर लिखा, ‘एक सांसद का मिनिमम सपोर्ट प्राइज 50 करोड़ है. 15 करोड़ तो सिर्फ एडवांस है.



