G7 Summit : एवियॉन। फ्रांस के एवियॉन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक-दूसरे का अभिवादन किया और संक्षिप्त बातचीत की।
जी7 सम्मेलन में 16 महीने बाद मिले मोदी-ट्रंप
भारत-अमेरिका संबंधों में हाल के महीनों में पैदा हुए तनाव के बीच 16 महीने बाद दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात रही। मोदी और ट्रंप गर्मजोशी से हाथ मिलाते हुए दिखे और उसके बाद उन्होंने थोड़ी बातचीत भी की। दोनों नेताओं की बुधवार को सम्मेलन के इतर द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। तत्काल यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने क्या बातचीत की।
बुधवार को होगी मोदी-ट्रंप की अहम द्विपक्षीय बैठक
पिछले साल फरवरी में प्रधानमंत्री के अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलने के लिए वॉशिंगटन जाने के बाद से मोदी और ट्रंप की यह पहली मुलाकात थी। दोनों नेताओं की बुधवार को होने वाली बैठक के दौरान द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए चल रही बातचीत और रक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदमों सहित संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा किये जाने की उम्मीद है। यह व्यापार समझौता एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, जिसकी परिकल्पना पिछले साल फरवरी में प्रधानमंत्री मोदी की वाशिंगटन यात्रा के दौरान की गई थी।

मोदी और ट्रंप पश्चिम एशिया संकट और रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसी अहम वैश्विक चुनौतियों पर भी अपने विचार साझा कर सकते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की पिछले महीने भारत यात्रा के बाद, दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों को फिर से बेहतर बनाने की उम्मीद कर रहे हैं। रुबियो ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाक़ात के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से उन्हें ‘निकट भविष्य’ में व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया था। उन्होंने भारत को हिंद-प्रशांत को लेकर तैयार अमेरिकी नीति का ‘आधार’ बताया था। ट्रंप द्वारा मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को रोकने में अहम भूमिका निभाने के दावे किये जाने और अमेरिका की ओर से भारत पर दंडात्मक शुल्क लगाए जाने के बाद नयी दिल्ली-वाशिंगटन के रिश्तों में भारी गिरावट आई।
मोदी-ट्रंप ने फोटो सेशन में किया नजरअंदाज
जी7 नेताओं के ग्रुप फोटो सेशन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच पहले जैसी गर्मजोशी नजर नहीं आई। पीएम मोदी ट्रंप के सामने से गुजरे, लेकिन दोनों नेताओं ने न तो एक-दूसरे से नजरें मिलाईं और न ही कोई अभिवादन किया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल के महीनों में नई दिल्ली और वॉशिंगटन के संबंध कई मुद्दों को लेकर उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहे हैं।
व्यापार समझौते को अमली जामा पहनाने की दिशा में काम शुरू
भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष रुकने के बाद ट्रंप ने बार-बार और सार्वजनिक रूप से दावा किया कि उन्होंने दो पड़ोसी देशों के बीच सैन्य टकराव को सुलझाया है और लाखों लोगों की जान बचाई है, क्योंकि मामला पूर्ण युद्ध की ओर बढ़ रहा था। भारत का स्पष्ट रुख है कि सैन्य संघर्ष नयी दिल्ली-इस्लामाबाद की बातचीत की वजह से रुका और इसमें अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी। अमेरिका की नयी आव्रजन नीति और एच1बी वीजा शुल्क बढ़ाने के फैसले ने भी भारत-अमेरिका संबंधों में गिरावट में योगदान दिया। हालांकि, पिछले कुछ महीनों में दोनों पक्षों ने रिश्तों को सुधारने की कोशिशें कीं और जल्द ही आपसी हित वाले व्यापार समझौते को अमली जामा पहनाने की दिशा में काम शुरू किया।
पिछले हफ्ते, दोनों देशों के रिश्तों में तब नए सिरे से तनाव पैदा हो गया जब ओमान के तट के पास अमेरिकी सेना ने तीन वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया और इन हमलों में तीन भारतीय नाविक मारे गए। हमलों में एक जहाज पर सवार तीन भारतीयों की मौत हो गई, जिसके बाद भारत ने अमेरिका के दूतावास प्रभारी जेसन मीक्स को तलब किया और उनसे कहा कि भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाज़ों पर अमेरिकी सेना के ‘‘जानलेवा और घातक’’ हमले ‘स्वीकार्य नहीं’ हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी रुबियो के समक्ष यह मुद्दा उठाया। प्रधानमंत्री मोदी जी7 सम्मेलन के दौरान दुनिया के कई अन्य नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।



