केरल। आरएसएस के पूर्व प्रचारक रहे और भाजपा के वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश माथुर ने हाल ही में केरल के नये राज्यपाल के तौर पर शपथ ली थी। माथुर के शपथ लेते ही प्रदेश में विपक्ष ने उनको लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया। मामला केरल के राजभवन की रसोई और उसमें बनने वाले भोजन से जुड़ा है।
दरअसल, केरल के नवनियुक्त राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर शाकाहारी हैं, इसी वजह से उन्होंने राज्यपाल का पद संभालने के कुछ घंटे बाद ही लोकभवन में मांसाहारी खाना बनाने और परोसने पर रोक लगा दी। इसी को लेकर केरल कांग्रेस और विपक्षी सीपीआईएम ने इस फैसले की आलोचना की। कांग्रेस का कहना है कि क्या अब राज्यपाल तय करेंगे कि क्या खाना है?
बता दें कि AICC महासचिव और लोकसभा सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सिर्फ शाकाहारी खाना बनाने का निर्देश देकर राज्यपाल ने हद पार कर दी है। उन्होंने कहा कि केरल की खान-पान संस्कृति अलग है। तटीय राज्य होने के कारण यहां मछली भी बड़ी मात्रा में उपलब्ध है, राज्य के लोग शाकाहारी या मांसाहारी भोजन चुनने के लिए स्वतंत्र हैं।
वहीं सूत्रों के मुताबिक लोकभवन की रसोई में तैयार खाना सिर्फ राज्यपाल और उनके निजी स्टाफ के कुछ सदस्यों को दिया जाता है। अन्य कर्मचारी या तो घर से खाना लाते हैं या बाहर खाना खाते हैं। सूत्रों के अनुसार उनके खाने की पसंद पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।



