जयपुर। राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जिला स्पेशल टीम (DST) के दो कांस्टेबलों को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। एसीबी के अनुसार, आरोपियों पर एक फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने और तैयार माल नष्ट नहीं करवाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को की गई ट्रैप कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ब्रजेश, कांस्टेबल नंबर 210, और ईश्वर सिंह, कांस्टेबल नंबर 333, के रूप में हुई है। दोनों खैरथल-तिजारा जिले की डीएसटी टीम में तैनात थे। एसीबी अब मामले में दोनों से पूछताछ कर आगे की जांच कर रही है।
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फैक्ट्री में कार्रवाई नहीं करने के बदले मांगी रिश्वत
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, परिवादी ने एसीबी की अलवर प्रथम चौकी में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि डीएसटी प्रभारी गौरव और टीम के सदस्य ब्रजेश तथा ईश्वर सिंह सादे कपड़ों में उसकी फैक्ट्री पहुंचे थे। आरोप है कि टीम ने फैक्ट्री में लगे कैमरे हटवा दिए और नकली कलाकंद बनाने की बात कहते हुए खाद्य विभाग की टीम को बुलाया। इसके बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों ने वहां तैयार माल के नमूने लिए।
परिवादी का आरोप था कि इस कार्रवाई के बाद फैक्ट्री का माल नष्ट करवाने और इकाई को सीज होने से बचाने के बदले उससे पैसे मांगे गए। शिकायत के अनुसार, कांस्टेबल ब्रजेश ने एक-दो दिन में एक लाख रुपये देने की मांग की थी।
अन्य कारोबारियों से भी पैसे मांगने का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि कांस्टेबल ईश्वर सिंह ने परिवादी के परिचित अन्य कारोबारियों से 50-50 हजार रुपये लेकर डीएसटी कार्यालय आने को कहा। ऐसा नहीं करने पर उनके कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।
एसीबी के मुताबिक, रिश्वत की मांग परिवादी और उससे जुड़े अन्य कारोबारियों की फर्मों पर कार्रवाई नहीं करने तथा तैयार माल को नष्ट नहीं करवाने के बदले की गई थी। शिकायत के सत्यापन के दौरान दोनों कांस्टेबलों की ओर से कुल 2.20 लाख रुपये की रिश्वत मांगने की पुष्टि होने की बात एसीबी ने कही है।
एसीबी ने जाल बिछाकर पकड़ा
एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर जयपुर रेंज के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के सुपरविजन में ट्रैप कार्रवाई की गई। अलवर प्रथम चौकी के प्रभारी और पुलिस उप अधीक्षक शब्बीर खान के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों कांस्टेबलों को परिवादी से 2 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने रिश्वत की राशि बरामद कर ली है। हालांकि, शिकायत में कुल 2.20 लाख रुपये मांगने का आरोप है, जबकि ट्रैप के दौरान 2 लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तारी की गई।
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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत होगी जांच
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और पुलिस महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपियों से पूछताछ और आगे की कार्रवाई जारी है। ब्यूरो के अनुसार, मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर विस्तृत अनुसंधान किया जाएगा।
एसीबी ने आम लोगों से अपील की है कि भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1064 और व्हाट्सऐप हेल्पलाइन 94135-02834 पर संपर्क किया जा सकता है। ब्यूरो ने यह भी कहा है कि किसी मामले में नाम आने पर संबंधित व्यक्ति एसीबी से सीधे संपर्क कर अपना पक्ष या स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर सकता है।



