जोधपुर शहर से भाजपा विधायक अतुल भंसाली ने ट्रांसफर चाहने वालों के लिए एक ऐसी अनोखी पहल की है जिसकी खूब चर्चा हो रही है. दरअसल उन्होंने ट्रांसफर करवाने आने वालों के लिए अपने कार्यालय में एक डिजायर मंदिर बनवाया है. इसमें भगवान श्रीराम की तस्वीर लगाई है और एक बॉक्स रखा गया है. जो भी कर्मचारी या कार्यकर्ता ट्रांसफर के लिए अर्जी लेकर आता है उससे यही कहा जाता है कि आप इस अर्जी को बॉक्स में डाल दीजिए. विधायक का कहना है कि मैं भगवान नहीं हूं, सिर्फ डाकिया. भगवान चाहेंगे उसी का काम होगा.
मंदिर बनवाने के पीछे ये वजह
विधायक ने इस मंदिर को बनवाने के पीछे वजह भी बताई है. उन्होंने कहा कि ट्रांसफर विंडो खुलते ही बड़ी संख्या में लोग तबादलों की सिफारिश लेकर पहुंचते हैं. उनका कहना है कि अगर वो दिनभर सिर्फ डिजायर सुनते रहेंगे, तो जनता की समस्याओं को कैसे सुलझाएंगे. यही कारण है कि उन्होंने डिजायर मंदिर बनवाया है, इसका फायदा ये है कि सभी अर्जी एक जगह आ जाए और समय की भी बचत हो सके.

उन्होंने बताया कि उनके स्वर्गीय काका और पूर्व विधायक कैलाश भंसाली के समय से ही उन्होंने इस तरह की स्थिति को करीब से देखा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी पदाधिकारी भी लंबे समय से नेताओं को अनावश्यक सिफारिशों और दबाव की राजनीति से दूर रहने की सलाह देते रहे हैं.
सभी का जोधपुर नहीं हो सकता ट्रांसफर
विधायक अतुल भंसाली ने साफ तौर पर कहा कि सभी सरकारी कर्मचारियों का जोधपुर ही ट्रांसफर हो जाए ऐसा बिल्कुल संभव नही है. साथ ही उन्होंने कहा कि कई लोग अपने परिचय, सिफारिश या दबाव के जरिए काम करवाने की कोशिश करते हैं, लेकिन वह हर व्यक्ति के चरित्र या योग्यता का प्रमाण पत्र नहीं दे सकते. लोग सोचते हैं कि विधायक को अर्जी सौंप दी अब तो काम हो ही जाएगा, जबकि ऐसा नहीं है. यही वजह है कि अब जो भी ट्रांसफर की अर्जी लेकर आता है, उसे भगवान के चरणों में अर्जी रखने की सलाह दी जाती है. वो ही सबका भला करने वाले हैं.
5 जुलाई तक ट्रांसफर से बैन हटा
बता दें कि भजनलाल सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए बड़ी राहत देते हुए तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटाया है. राज्य सरकार ने 16 दिनों के लिए ट्रांसफर विंडो खोली है, जिसके तहत विभिन्न विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए जा सकेंगे. सरकार के आदेश के अनुसार तबादलों की प्रक्रिया 5 जुलाई तक जारी रहेगी.



