IMD Monsoon Update : नई दिल्ली। देश में मानसून की अनिश्चितता और वर्षा की कमी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच कृषि आयुक्त पीके सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकारें किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय मौसम विभाग (IMD) से प्राप्त जानकारी के आधार पर जिला स्तर पर आकस्मिक (कंटिजेंसी) योजनाएं तैयार की गई हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर तत्काल लागू किया जाएगा।
पीके सिंह ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियां वर्ष 2015 के एल नीनो प्रभाव जैसी दिखाई दे रही हैं, लेकिन पिछले एक दशक में देश के सिंचाई ढांचे में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इससे कृषि क्षेत्र को सूखे या कम बारिश जैसी परिस्थितियों से निपटने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जहां भी वर्षा की स्थिति प्रभावित होगी, वहां तैयार की गई योजनाओं को लागू कर किसानों को राहत देने का प्रयास किया जाएगा।
कृषि आयुक्त ने खाद्यान्न उपलब्धता को लेकर भी आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि देश के पास चावल और गेहूं का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति में सरकार आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है। जरूरत पड़ने पर आयात का विकल्प भी अपनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश में लगभग 40 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है, जो चिंता का विषय है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि मानसून में और देरी होती है या सूखे जैसी स्थिति बनती है, तो किसान दलहन फसलों की ओर रुख कर सकते हैं। दलहन फसलें कम अवधि में तैयार हो जाती हैं और इन्हें अपेक्षाकृत कम पानी की आवश्यकता होती है।
पीके सिंह के अनुसार, सरकार लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा चुनौतियों के बावजूद देश की खाद्य सुरक्षा को लेकर फिलहाल कोई बड़ा खतरा नहीं है।



