Jaipur Extortion Racket News : जयपुर। राजधानी जयपुर में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, रोहित गोदारा और हरि बॉक्सर के नाम पर व्यापारियों को धमकाकर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने के मामले बढे हैं। जिसके बाद इस नेटवर्क पर पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है। कई लोग जिनका इन गैंगेस्टर्स से कोई सम्पर्क नहीं वो भी हाथ साफ करने और बहती गंगा में हाथ धोने में लगे हैं। गैंगेस्टर्स को भी चुना लगा रहे हैं। पिछले कुछ समय में आए धमकी और फिरौती के कॉल्स देखें तो मालूम चलता है कि अधिकांश कॉल ऐसे लोगों ने किए जिनका इन गैंग्स से कोई सम्पर्क ही नहीं था, जहां सम्पर्क था वहां पुलिस ने सख्त एक्शन लेते हुए सलाखों के पीछे पहुंचाया।
विदेशी नंबरों से व्हाट्सएप कॉल, जान से मारने की धमकी और परिवार को निशाना बनाने जैसे मामलों में अब और सख्त हो गई है। जयपुर पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने की कार्रवाई तेज कर दी है। अगर आंकड़ों की बात करे तो पांच ऐसे मामले हैं जिनका पुलिस ने कुछ ही दिनों में पर्दाफाश कर दिया। जुलाई 2025 में मुहाना थाना इलाके के एक बड़े कारोबारी को लॉरेंस बिश्नोई और हरि बॉक्सर गैंग के नाम पर यह धमकी भरी कॉल आई थी। जिसके बाद मुहाना थाने में मामला दर्ज कर जयपुर पुलिस की स्पेशल टीम और साइबर सेल ने इन आरोपियों को दबोचा था। जयपुर कमिश्नरेट की साइबर क्राइम टीम ने मुहाना थाने के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में लिया था।
वहीं जयपुर के एक नामचीन व्यापारी को विदेशी नंबरों से व्हाट्सएप कॉल करके 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। रंगदारी न देने पर पूरे परिवार को गोलियों से भूनने की धमकी दी गई थी। यह नेटवर्क विदेश में बैठे गैंगस्टर हरि बॉक्सर के इशारे पर काम कर रहा था। गिरफ्तार आरोपियों में मान प्रजापति उर्फ मान बॉक्सर शामिल था, जो सीआरपीएफ का पूर्व जवान रह चुका है, और उसका दूसरा साथी नेत्रपाल सिंह था।
सीके बिरला हॉस्पिटल से जुड़ा 10 करोड़ का रंगदारी षड्यंत्र (जून 2025)
जयपुर के एक संपन्न कारोबारी से कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा के नाम पर 10 करोड़ रुपये की भारी-भरकम फिरौती मांगी गई थी। सोडाला थाना पुलिस और डीसीएपी साउथ की टीम ने इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश करते हुए 4 आरोपियों को धर-दबोचा। इनके नाम लोकेंद्र, जयप्रकाश, महेश और लखन थे। जांच में सामने आया कि मुख्य साजिशकर्ता जयप्रकाश कुमावत था। पकड़े गए आरोपियों में से तीन आरोपी जयपुर के सीके बिरला हॉस्पिटल की डायलिसिस विंग में काम करते थे। वे पीड़ित कारोबारी की गतिविधियों पर वहीं से नजर रख रहे थे।
क्लब फायरिंग और 1 करोड़ की रंगदारी मामला (फरवरी 2025 – कोर्ट फैसला)
जयपुर के मशहूर ‘जी क्लब’ पर दहशत फैलाने और 1 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने के लिए अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को तुरंत दबोच लिया था। इस मामले के मुख्य शूटर्स पुलिस कस्टडी से भागने और पुलिस पर ही हमला करने के मामले में भी नामजद थे। फरवरी 2025 में जयपुर की एडीजे कोर्ट ने इस मामले से जुड़े दोनों शूटर्स प्रदीप शुक्ला और ऋषभ को जेल की सजा सुनाई।
माइनिंग (खनन) कारोबारी से 5 करोड़ की रंगदारी (जनवरी 2026)
जयपुर के एक बड़े खनन कारोबारी को नए साल के मौके पर व्हाट्सएप कॉल और वॉइस नोट भेजकर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। धमकी देने वाले ने खुद को रोहित गोदारा और राहुल रिनाऊ गैंग का सदस्य बताया था। जयपुर पुलिस की तकनीकी और साइबर सेल टीम ने कॉल के इंटरनेट प्रोटोकॉल और नंबरों का तकनीकी विश्लेषण कर रंगदारी के इस लोकल नेटवर्क से जुड़े आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और जेल भेजा।
श्याम नगर व्यापारी से 5 करोड़ की रंगदारी मामला (मई 2026)
इसी महीने 18 मई 2026 को जयपुर के श्याम नगर इलाके के एक व्यापारी के घर पर इंटरनेशनल नंबर से कॉल आया। फोन उनके बच्चे ने उठाया, जिसे डराकर रोहित गोदारा के नाम पर 5 करोड़ रुपये मांगे गए। फोन बंद करने पर दुकान और संपत्ति उड़ाने की धमकी दी गई। श्याम नगर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तकनीकी विश्लेषण के आधार पर धमकी देने वाले स्थानीय मददगारों और सिम उपलब्ध कराने वाले गिरोह के सदस्यों को रडार पर लेकर गिरफ्तारियां शुरू की हैं।
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट इन दिनों गैंगस्टरों के नाम पर डराने वाले स्थानीय अपराधियों और फर्जी सिम या बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले ‘म्यूल हंटर्स’ पर विशेष ध्यान दे रही है, जिससे इस तरह के नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके। हालांकि सीमित संसाधनों के बीच तकनीक रूप से पुलिस को और मजबूत होने की जरूरत महसूस की जा रही है। पुलिस जहां जाबाजी से अपनी कार्रवाई कर रही है वहीं तकनीकी रूप से कमजोर होने से अपराधियों तक जल्द पहुंचना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। खासकर इंटरनेशनल कॉल पुलिस के लिए सिरदर्दी बने हुए हैं लेकिन पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि अब और नहीं। सख्ती से अपराधियों से निपटना प्राथमिकता है। अपराध को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



