जयपुर। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में शहर सरकार चुनने के लिए इस बार मतदाताओं ने जमकर उत्साह दिखाया। अंतिम मतदान प्रतिशत 63.55% रहा, जो पिछले दो नगर निगम चुनावों की तुलना में काफी अधिक है। कुल 24 लाख 33 हजार 198 मतदाताओं में से 15 लाख 46 हजार 193 लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान प्रतिशत में हुई इस बढ़ोतरी ने राजनीतिक दलों के साथ-साथ चुनाव विश्लेषकों का ध्यान भी खींचा है।
आखिरी तीन घंटे में अचानक बढ़ी वोटिंग
सुबह मतदान की रफ्तार धीमी रही। सुबह 10 बजे तक केवल 16.20% मतदान हुआ था। दोपहर 1 बजे तक यह आंकड़ा 37.36% और दोपहर 3 बजे तक 48.89% पहुंचा। इसके बाद मतदान के आखिरी तीन घंटे बेहद महत्वपूर्ण रहे। शाम 6 बजे तक मतदान प्रतिशत बढ़कर 62.88% हो गया। यानी आखिरी तीन घंटों में ही करीब 3.37 लाख वोट पड़े। शाम 6 बजे के बाद भी कई मतदान केंद्रों पर मतदाता कतार में खड़े रहे। ऐसे मतदाताओं को मतदान का मौका दिया गया और करीब 19,534 अतिरिक्त वोट पड़े। इसके बाद अंतिम मतदान प्रतिशत 63.55% तक पहुंच गया।
2.71 लाख नए वोटरों ने बढ़ाया चुनावी उत्साह
इस बार जयपुर में पिछले नगर निगम चुनाव के मुकाबले 2,71,089 मतदाता बढ़े हैं। 2020 में जहां करीब 21.62 लाख मतदाता थे, वहीं इस बार मतदाताओं की संख्या बढ़कर 24,33,198 हो गई। मतदाताओं की संख्या में यह बड़ी बढ़ोतरी मतदान प्रतिशत बढ़ने की एक अहम वजह मानी जा रही है।
5.60 लाख Gen-Z वोटर भी मैदान में
इस चुनाव में करीब 5.60 लाख Gen-Z मतदाता थे, जो कुल मतदाताओं का लगभग 23% हैं। युवा मतदाताओं की सक्रियता ने भी मतदान को बढ़ाने में भूमिका निभाई। पहली बार या शुरुआती चुनावों में मतदान करने वाले युवा मतदाताओं में चुनाव को लेकर उत्साह देखने को मिला।
250 नए बूथों से भी मिली सुविधा
मतदाताओं की बढ़ी संख्या को देखते हुए इस बार कुल 2,256 मतदान केंद्र बनाए गए थे। यह संख्या पिछले नगर निगम चुनाव के मुकाबले करीब 250 अधिक है। अधिक मतदान केंद्र बनाए जाने से कई क्षेत्रों में मतदाताओं को अपने बूथ तक पहुंचने और मतदान करने में सुविधा मिली।
368 निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी बढ़ाई हलचल
इस बार बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में उतरे। कुल 368 निर्दलीय प्रत्याशियों के साथ अन्य पार्टियों के 57 प्रत्याशियों ने भी चुनाव लड़ा। निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर संपर्क अभियान चलाया। स्थानीय स्तर पर इस तरह के संपर्क से समर्थकों और मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने में भी भूमिका रही।
वार्ड 148-150 में सबसे ज्यादा मतदान
जयपुर के वार्ड 148 से 150 के बीच सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया। यहां मतदान प्रतिशत 81.45% रहा, जो जयपुर के औसत 63.55% से करीब 17.90 प्रतिशत अधिक है। वहीं सबसे कम मतदान वार्ड 88 से 103 के क्षेत्र में बताया गया।
चारदीवारी के इलाकों में शाम तक डटे रहे मतदाता
शाम 6 बजे मतदान का निर्धारित समय खत्म होने के बाद भी कई मतदान केंद्रों पर लोग कतार में मौजूद रहे। आदर्श नगर, किशनपोल, हवामहल और सिविल लाइंस सहित कई क्षेत्रों में मतदाता मतदान के लिए डटे रहे। इसी वजह से शाम 6 बजे के आंकड़े के बाद भी करीब 19 हजार वोट और पड़े और अंतिम मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई।
बढ़ी वोटिंग से किसे फायदा?
रिकॉर्ड मतदान ने भाजपा और कांग्रेस दोनों के चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। हालांकि अधिक मतदान का सीधा फायदा किस पार्टी को मिला, इसका पता चुनाव परिणाम आने के बाद ही चलेगा। युवा मतदाताओं की भागीदारी, नए वोटरों की संख्या, निर्दलीय प्रत्याशियों की सक्रियता और आखिरी घंटों में हुई भारी वोटिंग ने जयपुर नगर निगम चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है। अब सभी की नजरें चुनाव परिणाम पर हैं।



