जयपुर। जयपुर के गोविंदपुरा इलाके में 75 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि बेटे ने अपनी मां के साथ मिलकर कथित तौर पर पिता की हत्या की और शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की।पुलिस के मुताबिक, आरोपी बेटे ने शव को प्लास्टिक के कट्टे में डालकर गांव ले जाने के लिए टेंपो ड्राइवर से संपर्क किया। कट्टे से बदबू और खून के निशान देखकर ड्राइवर को शक हुआ और उसने पुलिस को सूचना दे दी। इसी वजह से शव को ठिकाने लगाने की योजना नाकाम हो गई।
शराब के नशे में विवाद के बाद हत्या का आरोप
DCP साउथ राजर्षिराज वर्मा के अनुसार, मृतक की पहचान 75 वर्षीय जगदीश के रूप में हुई है। मामले में उसके 40 वर्षीय बेटे सवाईराम जाट और 70 वर्षीय पत्नी सजना उर्फ सजनी को गिरफ्तार किया गया है।पुलिस जांच के मुताबिक, 18 अगस्त की रात जगदीश कथित तौर पर शराब के नशे में पत्नी और बेटे से झगड़ रहा था। विवाद बढ़ने के बाद सवाईराम ने अपनी मां के साथ मिलकर धारदार हथियार से जगदीश पर हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, इसी हमले में उसकी मौत हो गई।पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कथित कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।
शव को कट्टे में डालकर ले जाने की तैयारी
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद शव को रातभर कमरे में रखा गया। अगले दिन मां-बेटे ने कमरे में मौजूद खून के निशान साफ करने की कोशिश की और शव को चादर-कंबल में लपेट दिया।इसके बाद शव को प्लास्टिक के कट्टे में डालकर ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई। पुलिस के मुताबिक, शव को कट्टे में रखने के लिए शरीर को मोड़ा गया। दोनों आरोपी शव को टोंक जिले स्थित अपने गांव ले जाने की तैयारी में थे।
टेंपो ड्राइवर को कट्टे से आया शक
19 अगस्त की देर रात आरोपी सवाईराम ने स्थानीय टेंपो ड्राइवर इरफान से संपर्क किया और शव को गांव ले जाने के लिए वाहन मांगा। कुछ देर बाद ड्राइवर उनके घर पहुंचा।पुलिस के मुताबिक, घर पर एक सफेद कट्टा रखा था। उसे गाड़ी में रखने के बाद ड्राइवर को कट्टे से बदबू आने लगी। उसने अस्पताल से जुड़े दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई दस्तावेज नहीं दिखाया गया। कट्टे पर खून के निशान देखकर ड्राइवर का शक और गहरा हो गया।ड्राइवर ने शव को गाड़ी से नीचे उतार दिया और वापस लौट गया।घर लौटते समय ड्राइवर को शक हुआ कि मामला सामान्य मौत का नहीं है। उसने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन वहां शव नहीं मिला।पुलिस ने सवाईराम और उसकी मां से पूछताछ शुरू की। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। बाद में पूछताछ में सवाईराम के बयान बदलने लगे।
कंधे पर शव ले जाकर झाड़ियों में छिपाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सवाईराम ने कथित तौर पर बताया कि टेंपो ड्राइवर को शक हो जाने के बाद शव को घर में रखना सुरक्षित नहीं लगा। इसके बाद वह शव को कंधे पर उठाकर घर से करीब 150 मीटर दूर गोविंदपुरा पानी की टंकी के पास झाड़ियों में ले गया और वहां छिपा दिया।आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने झाड़ियों से कंबल में लिपटा शव बरामद किया।
परिवार पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी परिवार के कुछ सदस्य पहले भी हत्या के एक मामले में जेल जा चुके हैं।पुलिस के अनुसार, सितंबर 2022 में परिवार के एक सदस्य की पत्नी सुमन महावर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। पोस्टमार्टम में जहर की बात सामने आने के बाद मृतका के भाई की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था।जांच के बाद पुलिस ने परिवार के पांच सदस्यों को हत्या के मामले में आरोपी बनाया था। इनमें मृतक जगदीश, उसकी पत्नी सजना, बेटे सवाईराम और प्रधान तथा बेटी सुशीला शामिल थे। बाद में परिवार के चार सदस्यों को जमानत मिल गई थी।फिलहाल जयपुर पुलिस मामले में हत्या की पूरी परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।



